प्रधानमंत्री के संबोधन पर सियासी संग्राम: कांग्रेस का तीखा पलटवार, महिला आरक्षण पर सरकार को घेरा

Date:

AI Audio Companion Ready to stream
0:00
0:00 left

नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन के तुरंत बाद सियासी माहौल गरमा गया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर जोरदार हमला बोलते हुए उनके भाषण को “राजनीतिक” करार दिया और कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद सरकारी मंच का इस्तेमाल विपक्ष पर निशाना साधने के लिए किया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री के संबोधन को तथ्यों से परे बताते हुए कहा कि यह भाषण “हताशा और निराशा” से भरा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में उपलब्धियां न गिना पाने के कारण प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन को विपक्ष पर “कीचड़ उछालने” का माध्यम बना दिया।

👉 यह भी पढ़ें:

खरगे ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस का दर्जनों बार जिक्र किया, जबकि महिलाओं से जुड़े मुद्दों को बेहद कम महत्व दिया गया। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि महिलाओं के मुद्दे सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं।

कांग्रेस ने महिला आरक्षण को लेकर भी सरकार को घेरा। पार्टी का कहना है कि वह हमेशा से महिला आरक्षण की समर्थक रही है और वर्ष 2010 में राज्यसभा में इस विधेयक को पारित कराया था। साथ ही 2023 में लाए गए कानून का भी समर्थन किया गया। कांग्रेस ने मांग की कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तुरंत लागू किया जाए, बिना परिसीमन से जोड़े।

कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने महिला आरक्षण और परिसीमन को एक साथ जोड़कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की है। खरगे ने कहा कि इस तरह का कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है और इसका उद्देश्य चुनावी समीकरणों को अपने पक्ष में करना है।

उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे देश को गुमराह करना बंद करें और महिलाओं को वास्तविक अधिकार देने के लिए ठोस कदम उठाएं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन को लेकर सत्ताधारी दल की रणनीति का खुलासा किया जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद महिला आरक्षण, परिसीमन और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर देश की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है, जो आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है।

Abhilash Shukla (Editor)
Abhilash Shukla (Editor)http://www.hbtvnews.com
Abhilash Shukla is an experienced editor with over 28 years in journalism. He is known for delivering balanced, impactful, and credible news coverage.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

पवन खेड़ा का आरोप: सरकार दबा रही थी अरुणाचल सीमा विवाद की खबरें

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार अरुणाचल सीमा विवाद की खबरें दबा रही थी। आईटीबीपी महानिदेशक के बयान को लेकर उठे गंभीर सवाल।

प्रभास की ‘फौजी’ के नए पोस्टर में छिपा 1932 का मोस्ट वॉन्टेड राज

प्रभास की फौजी के नए पोस्टर में छिपा 1932 का मोस्ट वॉन्टेड राज दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा रहा है। इस पोस्टर ने कहानी के कई रहस्यों को उजागर किया है।

सुधांशु त्रिवेदी का राहुल गांधी पर तंज, कहा- देश से चंपत होकर चंपा घूम रहे नेता प्रतिपक्ष

सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी को देश से चंपत होकर चंपा घूमने वाला नेता प्रतिपक्ष बताया। उन्होंने कांग्रेस को भी फेल कंपनी करार दिया।

चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन में पीएम मोदी ने स्वामी चिन्मयानंद से वर्चुअल बातचीत की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिन्मय अमृत महोत्सव में स्वामी चिन्मयानंद के होलोग्राफिक अवतार से संवाद किया। यह सम्मेलन चिन्मय मिशन की 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित हुआ।

मुंबई मेयर कार्यालय को बम धमकी, पुलिस ने जांच में क्या पाया?

मुंबई मेयर कार्यालय को मिली बम धमकी के बाद पुलिस ने जांच की। धमकी में कई स्थानों और हस्तियों का जिक्र था, पर कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

उज्जैन: महाकाल मंदिर सुरक्षा परखने उतरे 150 एनएसजी कमांडो, मॉक ड्रिल रात 2 बजे तक

उज्जैन में महाकाल मंदिर सुरक्षा परखने उतरे 150 एनएसजी कमांडो ने रात 11 बजे से तड़के 2 बजे तक मॉक ड्रिल की। इसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की तत्परता जांचना था।

सीधी में लोकायुक्त का ट्रैप, जनजाति कार्य विभाग के कर्मचारी 40 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार

सीधी में लोकायुक्त की कार्रवाई के दौरान जनजाति कार्य विभाग का कर्मचारी 40 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम।

इंदौर हाई कोर्ट ने मध्य प्रदेश से पूछा, भूजल नीति लागू करने के कदम क्या?

इंदौर हाई कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से भूजल नीति लागू करने के कदमों पर जवाब मांगा है। कोर्ट ने 2019 की नीति के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए हैं।

मध्य प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक नागरिकता डेटा मांगा, गृह विभाग सक्रिय

मध्य प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक नागरिकता डेटा की समीक्षा के लिए गृह विभाग को सक्रिय कर दिया है। इस प्रक्रिया में लंबित आवेदनों का जिलावार ब्योरा शामिल है।

इंदौर में करोड़ों के 4 फ्लायओवर का काम धीमा, ट्रैफिक जाम बढ़ा

इंदौर में 267 करोड़ के 4 फ्लायओवर का काम धीमा होने से ट्रैफिक जाम बढ़ा है। निर्माण की देरी से यातायात प्रभावित हो रहा है।