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केरल के मुख्यमंत्री का आरोप: केंद्र और यूजीसी उच्च शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता पर हमला कर रहे हैं
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) पर राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों को अस्थिर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने यूजीसी के हालिया मसौदा नियमों को राज्य विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के लिए खतरा बताया और कहा कि ये नियम राज्य विधानसभा द्वारा बनाए गए कानूनों का उल्लंघन करते हैं।
मुख्यमंत्री का बयान:
पिनरई विजयन ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों की नियुक्ति में न्यूनतम योग्यता जैसे मुद्दों पर यूजीसी के नियमों का पालन करती है, लेकिन विश्वविद्यालयों में अत्यधिक हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकांश विश्वविद्यालय राज्य के संसाधनों से वित्त पोषित हैं, जबकि केंद्र सरकार का योगदान नगण्य है।
स्वायत्तता को खतरा:
मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की कि यूजीसी और केंद्र सरकार के कदम सार्वजनिक वित्त पोषित उच्च शिक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकते हैं, जिससे निजी शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने केंद्र से अपील की कि वह विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और राज्य सरकारों के अधिकारों का सम्मान करे।
आलोचना के बिंदु:
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यूजीसी के नियम राज्य अधिनियमों का उल्लंघन करते हैं।
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राज्य विश्वविद्यालयों के स्वायत्त संचालन में केंद्र का अत्यधिक हस्तक्षेप हो रहा है।
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यह प्रयास निजी शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा देने के मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
यह बयान विजयन ने उच्च शिक्षा पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दिया, जिसमें उन्होंने राज्य के विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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