इंदौर की हुकुमचंद मिल की जमीन पर बनेगा शॉपिंग-रेसिडेंशियल काम्प्लेक्स, मोहन कैबिनेट ने दिखाई हरी झंडी

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भोपाल। इंदौर की हुकुमचंद मिल की जमीन पर कमर्शियल-रेसिडेंशियल काम्पलेक्स के निर्माण को मोहन कैबिनेट ने मंगलवार को हरी झंडी दे दी है। यहां एक बड़ा शॉपिंग कॉम्पलेक्स भी बनेगा। हुकुमचंद मिल के लिए त्रिपक्षीय समझौते के आधार पर काम किया जाएगा। यहां बनने वाले प्रोजेक्ट में ग्रीनरी का ध्यान रखा जाएगा। इस मिल के मजदूरों को 450 करोड़ रुपए सरकार द्वारा दिए जा चुके हैं।

सीएम मोहन यादव ने कैबिनेट मीटिंग में कहा कि इंदौर की हुकुमचंद मिल की जमीन को नगर निगम से एमपी हाउसिंग बोर्ड को ट्रांसफर की जाएगी। इस जमीन पर वर्ल्ड क्लास इंजीनियर बिल्डिंग की डिजाइन तैयार करेंगे। इस जमीन पर रेजिडेंशियल और कमर्शियल बिल्डिंग तैयार की जाएगी। इस जमीन को लेकर त्रिस्तरीय एग्रीमेंट होगा। जमीन पर निर्माण के बाद जो पहले आय होगी, वह सबसे पहले हाउसिंग बोर्ड को दिया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में सीएम यादव ने अपनी जापान यात्रा पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि ये बहुत ही सफल प्रवास रहा. जापान हमारा ग्लोबल इन्वेस्टर सीमेंट का पार्टनर भी है। इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग में जापान भारत की मदद करेगा।

पीएम आवास 2.0 में 10 लाख आवास बनेंगे

पीएम आवास योजना को लेकर सीएम यादव ने कहा कि इसका प्रथम चरण देश में बेहद सफल रहा। एमपी में 9 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत हुए थे। जिसमें से 8 लाख 50 हजार आवास तैयार करके आवंटित किए जा चुके हैं। पीएम आवास 2.0 में एमपी में 10 लाख आवास बनेंगे। एमपी को झुग्गी मुक्त बनाने की दिशा में सरकार काम करेगी।

सेमीकंडक्टर पॉलिसी भी मंजूर

कैबिनेट ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की मध्य प्रदेश सेमी कंडक्टर नीति 2025 को मंजूरी दे दी है। इस नीति में इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने पर जोर होगा। कई राज्यों की पॉलिसी का अध्ययन करने के बाद यह नीति बनाई गई है। जीआईएस में दो हजार करोड़ तक का निवेश हो सकता है। रोजगार ज्यादा नहीं मिलता, लेकिन एक ईको सिस्टम तैयार होता है। मोहन सरकार ने मध्यप्रदेश ड्रोन संवर्धन और उपयोग नीति 2025 को जारी कर दिया है। विजयवर्गीय ने कहा कि कानून व्यवस्था हो या महाकुंभ जैसे आयोजन हों। खेतीकिसानी सब जगह ड्रोन काम कर रहा है। किसानों को यूरिया के छिड़काव में भी ये काफी मददगार है। बैठक में पीएम आवास योजना 2.0 में देश भर में एक करोड़ मकान बनाए जाने हैं। इसमें से दस लाख आवास एमपी में बनाए जाने हैं। अफोर्डेबल हाउसिंग के साथ अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग के तहत भी इस योजना में आवास बनाकर दिए जाने का फैसला हुआ है। छात्र और कामकाजी महिलाएं भी इन आवासों में रह सकेंगी। कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है। कल्याणी महिलाओं, दिव्यांग, सीनियर सिटिजन, ट्रांसजेंडर के साथ सफाईकर्मी, पीएम स्वनिधि के स्ट्रीट वेंडर, पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभान्वित, निर्माण श्रमिक, मलीन बस्तियों के रहवासियों समेत अन्य को यह आवास दिए जा सकेंगे।

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इंदौर। इंदौर लोकायुक्त की टीम ने लोक निर्माण विभाग के तीन अफसरों को मंगलवार को रिश्वत लेते पकड़ा। पकड़े गए अधिकारियों के नाम जयदेव गौतम (कार्यपालन यंत्री, संभाग-1, इंदौर), टीके जैन (अनुविभागीय अधिकारी, पीडब्ल्यूडी संभाग-1) और अंशु दुबे (उपयंत्री, संभाग-1, इंदौर) हैं। लोकायुक्त टीम ने आरोपी जयदेव गौतम को उनके शासकीय निवास से 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है, जबकि टीके जैन को कार्यालय परिसर के पोर्च के नीचे से 1 लाख रुपए लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया। आरोपी अंशु दुबे ने भी एक लाख रुपए की मांग की थी, लेकिन कम राशि उपलब्ध होने के कारण उसने रकम नहीं ली। इस प्रकार कुल 2.50 लाख रुपए की राशि जब्त की गई है। धार के ठेकेदार ने की थी शिकायत लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से इसकी शिकायत पटेल इंटरप्राइजेस संचालक राजपाल सिंह पंवार ने की थी। वे एक शासकीय ठेकेदार हैं। आवेदक पटेल इंटरप्राईजेस धार का संचालक है एवं शासकीय ठेकेदार है। आवेदक की फर्म द्वारा वर्ष 2023 में पेटी कॉन्ट्रेक्ट पर मैथवाडा-फारेलेन पहुंच मार्ग का कार्य 4,73,35,000/- रु. में लिया था। फर्म द्वारा उक्त कार्य 4, 51,72,101/-86. में पूर्ण किया गया था। आवेदक की फर्म द्वारा किये गये कार्य के अंतिम बिल का भुगतान करने के एवज में आरोपी जयदेव गौतम द्वारा 1, 50000/- 2  आरोपी टी. के. जैन द्वारा 100000 एवं आरोपी 3 अंशु दुबे द्वारा 100000 कुल 3 ,50,000 रुपए रिश्वत की मांग की गई।  सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद मंगलवार 21 अप्रैल को ट्रैप दल गठित कर कार्रवाई की गई। ट्रैप दल ने छापा मार कर बरामद किए रुपए ट्रैप दल में कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक प्रआर विवेक मिश्रा, आशीष शुक्ला, आदित्य सिंह भदौरिया, आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक चन्द्रमोहन बिष्ट, आरक्षक आशीष नायडू, आशीष आर्य, अनिल परमार, आरक्षक कृष्णा अहिरवार शामिल थे। ट्रैप दल ने जयदेव गौतम को उनके शासकीय निवास पर आवेदक से 1,50,000 रुपए एवं टी.के. जैन को कार्यालय अनुविभगीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग के पोर्च के नीचे से आवेदक के प्रतिनिधि से 1 ,00,000 रुपए रिश्वत राशि लेते हुये रंगेहाथों पकड़ा। अंशु दुबे द्वारा मांग की गई रिश्वत की राशि कम होने से आवेदक के प्रतिनिधि से उसने राशि नहीं ली। आरोपीगण के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं 61(2) बीएनएस 2023 के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है।