नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पेश कर दिया गया है। सरकार जहां विधेयक को मुस्लिमों के हित में एक सुधारात्मक कदम बता रही तो वहीं विपक्ष पुरजोर विरोध में उतरा है। काग्रेस ने सरकार पर जबरन कानून थोपने का आरोप लगाया है।
बिल के पेश होते ही कांग्रेस ने लोकसभा में हंगामा करना शुरू कर दिया> कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि उन्हें कल (1 अप्रैल) को दोपहर में बिल मिला था, जिस वजह से उन्हें संशोधन देने का समय नहीं मिला। लोकसभा में कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि इस तरह का बिल (वक्फ संशोधन विधेयक) जिसे आप सदन में ला रहे हैं, कम से कम सदस्यों को संशोधन करने का अधिकार तो होना चाहिए। आप कानून को जबरन थोप रहे हैं। आपको संशोधन के लिए समय देना चाहिए। संशोधन के लिए कई प्रावधान हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने दिया जवाब
के.सी. वेणुगोपाल के इस बयान पर गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) ने जो बदलाव सुझाए थे, उन्हें केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पहले ऐसी समितियां सिर्फ औपचारिक मुहर लगाने का काम करती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। हमारे समय में जेपीसी के सुझाए गए बदलावों को माना गया, बिल में जरूरी सुधार किए गए और फिर इसे पेश किया गया।
पिछले साल अगस्त में लोकसभा में रखा था
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने इस विधेयक को पिछले साल अगस्त में लोकसभा के सामने रखा था. हालांकि बाद में सर्वसम्मति से इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया। जेपीसी ने करीब छह माह तक विधेयक पर मिले संशोधन के सुझावों पर विचार किया और 27 जनवरी को इसे फिर से संसद में पेश करने की मंजूरी दे दी थी।
डिंपल यादव ने कहा-मूल मुद्दों से भटकाने का प्रयास
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने वक्फ संशोधन विधेयक पर कहा कि सत्ता पक्ष इस बिल को लाकर हमारे मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहा है। आम जनता को इस बिल से कुछ हासिल नहीं होने वाला है। वक्फ जमीनों को लेकर यह साजिश रची जा रही है। इसमें गरीबों को कुछ नहीं मिलेगा। सत्ता पक्ष उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए यह बिल ला रहा है।
रवि किशन बोले-विपक्ष का वोट जा रहा
भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा कि विपक्ष का वोट जा रहा है वो जो वोट बैंक की राजनीति कर रहे थे वो आजीवन के लिए खत्म होने जा रहा है। तो उनका ये पीड़ा और दुख जायज है। पीएम मोदी इस बिल द्वारा कई जन्मों तक मुस्लिम समुदाय को ईदी देने वाले हैं।
रिजिजू बोले-संसद भी वक्फ की संपत्ति होती
लोकसभा में आज वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा शुरू करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इस विधेयक में वक्फ बोर्ड के किसी भी धार्मिक काम में सरकार की ओर किसी हस्तक्षेप की योजना नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि वक्फ बोर्ड ने दिल्ली के एयरपोर्ट और वसंत विहार पर भी अपना दावा पेश किया था। बिल नहीं लाते तो संसद भी वक्फ की संपत्ति होती। हम किसी मस्जिद के मैनेजमेंट को नहीं छेड़ेंगे। रिजिजू ने अपने भाषण के दौरान कुछ पुराने दस्तावेजों का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद की बिल्डिंग पर भी वक्फ ने क्लेम किया। इस पर विपक्ष की तरफ से आपत्ति जताई गई।
धार्मिक कार्यकलापों में हस्तक्षेप का प्रावधान नहीं
जब रिजिजू ने कहा कि हम किसी भी मस्जिद के संचालन में हस्तक्षेप करने नहीं जा रहे तब विपक्ष की ओर से किसी ने टिप्पणी की। स्पीकर ओम बिरला ने टोकते हुए नसीहत दी कि भारत की संसद में बैठे हो, गरिमा का ध्यान रखो। किसी भी व्यक्ति को बैठे-बैठे टिप्पणी का अधिकार नहीं है। किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि ये मस्जिद या धार्मिक क्रियाकलापों से जुड़ा मामला नहीं है। ये बस एक संपत्ति के मैनेजमेंट से जुड़ा विषय है। कोई मुसलमान जकात देता है तो उसे पूछने वाले हम कौन होते हैं। हम तो बस उसके मैनेजमेंट से जुड़ी बात कर रहे हैं। इसका धार्मिक व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है।
चर्चा के लिए 8 घंटे का समय तय
स्पीकर ओम बिरला ने बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय तय किया है। इसमें से एनडीए को 4 घंटे 40 मिनट दिए गए हैं। बाकी 3 घंटे 20 मिनट का वक्त विपक्ष को मिला है। हालांकि विपक्ष ने चर्चा के लिए 12 घंटे का वक्त मांगा है। इस पर रिजिजू का कहना है कि चर्चा का समय बढ़ाया जा सकता है।


