मंत्रीजी की लंच पार्टी में साफ दिख गई गुटबाजी, नई ‘चौकड़ी’ के साथ कई और ‘चेहरों’ की दूरी से चर्चाओं का बाजार गर्म

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इंदौर। रविवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने घर लंच पार्टी का आयोजन किया था। इसमें इंदौर भाजपा की गुटबाजी साफ-साफ सामने आई। इस पार्टी से नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की नियुक्ति के बाद बनी इंदौरी चौकड़ी तो गायब ही रही, उषा ठाकुर जैसे कुछ नेताओं की अनुपस्थिति ने चर्चाओं का बाजार और गर्म कर दिया है।

इस भोज के आयोजन का कारण प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का वह निर्देश बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सभी विधायक एक-दूसरे के यहां भोजन करें। अब इस निर्देश के बारे में तो ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन मंत्रीजी को ऐसे ही मौके की तलाश रहती है। वे अपना नंबर बढ़ाने का कोई मौका नहीं छोड़ते। यह मौका अच्छा था, वह भी तब जब इंदौर नगर की कार्यकारिणी का गठन होना है।

मालिनी गौड़ और मनोज पटेल नहीं दिखे

मंत्रीजी की इस भोजन पार्टी में दो विधायक मालिनी गौड़ और मनोज पटेल नहीं दिखे। इसका कारण भाजपा के साथ ही पूरे शहर को मालूम है। मनोज पटेल के साथ मंत्रीजी ने कब-कब क्या-क्या किया सबको पता है। इसके बाद भी अगर वे उम्मीद करें कि पटेल उनके घर जाएंगे और न जाने पर बदनाम करने की कोशिश करें तो यह गलत ही है। विधानसभा चार और दो के बीच स्व.लक्ष्मण सिंह गौड़ के समय से ही रेखा खींची हुई है। जाहिर है इसी कारण मालिनी गौड़ नहीं गईं, लेकिन मंत्रीजी इस मौके को गंवाना नहीं चाहेंगे।

उषा ठाकुर को न बुलाना समझ न आया

मंत्रीजी की भोजन पार्टी में महू की विधायक उषा ठाकुर का नहीं दिखना भी चर्चा का विषय रहा। बताया जाता है कि ग्रामीण क्षेत्र महू से विधायक होने के कारण उन्हें नहीं बुलाया गया। इस पर भाजपा में ही चर्चा है कि मंत्रीजी उस उषा ठाकुर को कैसे भूल सकते हैं, जो आकाश विजयवर्गीय के लिए विधानसभा तीन की सीट छोड़कर महू से चुनाव लड़ने को राजी हुईं।

कविता पाटीदार बीमारी के कारण नहीं आईं

मंत्रीजी ने प्रदेश के पदाधिकारियों को भी निमंत्रण दिया था। इसमें कविता पाटीदार तबीयत खराब होने के कारण नहीं आईं। भोजन पर मंत्री तुलसी सिलावट, रमेश मेंदोला, महेंद्र हार्डिया, गोलू शुक्ला, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, जीतू जिराती सहित कई नेता नजर आए।

होर्डिंग पर दिख गया था एक गुट

नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नाम की घोषणा होते ही पूरे शहर में एक होर्डिंग चर्चा का विषय बना था। इसमें मनोज पटेल, एकलव्य सिंह गौड़, गौरव रणदिवे और सावन सोनकर की चौकड़ी एक साथ नजर आई थी। बाद में जिस दिन खंडेलवाल इंदौर आए तो भी एकलव्य सिंह गौड़ द्वारा उनके स्वागत में लगाए होर्डिंग में भी यही चार चेहरे नजर आए थे। तभी यह तय हो गया था कि इंदौर में भाजपा का यह नया गुट अब मंत्रीजी के सामने रहेगा।

अब अगले भोजन का है इंतजार

बताया जा रहा है कि अगला भोजन अब मंत्री तुलसी सिलावट के घर होगा। इसके बाद सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव का नंबर आएगा। अब देखना यह है कि इन आयोजनों में कौन-कौन से विधायक और नेता पहुंच रहे हैं। इसके बाद ही इंदौर के राजनीतिक परिदृश्य की तस्वीर साफ नजर आएगी।

मंत्री गुट के ज्यादा लोग ही दिखाई दिए

भाजपा में कहा तो यह भी जा रहा है कि इस भोजन में मंत्री गुट के नेता ही ज्यादा दिखाई दिए। क्या मंत्रीजी ने इंदौर के सभी नेताओं को निमंत्रित नहीं किया था। दरअसल मंत्रीजी ने इस भोज के माध्यम से इंदौर की राजनीति में अपनी हैसियत के अलावा उनसे नाराज लोगों को बदनाम करने की साजिश भी रची है। अब वे एकजुटता की बात करेंगे। जो नहीं आया उसे बदनाम करने की बात कहेंगे और इसी बहाने अपनी आगे की राजनीतिक गोटियां चलने की कोशिश भी करेंगे। जिन लोगों ने उनके घर खाना खाया, उन्हें भी भरोसा नहीं कि मंत्रीजी कब उन्हें कहां छोड़ कर आएंगे।

कार्यकारिणी पर कब्जे की कोशिश

इस भोज के बहाने मंत्रीजी को अपने विरोधियों को नीचा दिखाने का एक मौका भी मिल गया। वे चाहते हैं कि इस बार भी नगर कार्यकारिणी में उनका कब्जा रहे, जबकि विधायक रमेश मेंदोला इन सब विवादों से अलग रहना चाहते हैं। वे कहते भी हैं कि जो करना है सुमित मिश्रा खुद करें, लेकिन मंत्रीजी मिश्रा की नहीं चलने देंगे। कई नेता तो मंत्रीजी के घर इसी डर से भोजन करने गए कि कार्यकारिणी के गठन में कहीं रायता न ढूल जाए।

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