विजयपुर प्रकरण ने बढ़ाई कांग्रेस की चिन्ता, पूर्व प्रदेश कांग्रेस महासचिव राकेश यादव ने लिखी राहुल गांधी को चिट्ठी, तत्काल हस्तक्षेप की मांग

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इंदौर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया है। अब पूर्व मंत्री रामनिवास रावत यहां के विधायक होंगे। इस फैसले के बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन पर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी के ही लोग कह रहे हैं कि प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व चाहता तो मल्होत्रा को बचा सकता था।

मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव राकेश सिंह यादव ने राहुल गांधी को इस संबंध में चिट्‌ठी लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। यादव ने लिखा है कि मध्यप्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियां अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक होती जा रही हैं। हाल ही में विजयपुर विधानसभा सीट के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय ने प्रदेश की राजनीति में नया समीकरण पैदा कर दिया है। यह मामला केवल एक विधायक की सदस्यता समाप्त होने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश कांग्रेस संगठन की रणनीतिक एवं कानूनी कमजोरियों को उजागर करने वाली महत्वपूर्ण राजनीतिक चेतावनी के रूप में सामने आया है।

विधि विशेषज्ञों की प्रभावी भागीदारी नहीं दिखी

राकेश सिंह यादव के अनुसार विजयपुर प्रकरण में न्यायालयीन पैरवी के दौरान अपेक्षित गंभीरता, अनुभवी विधि विशेषज्ञों की प्रभावी भागीदारी तथा समय रहते संगठनात्मक समन्वय का अभाव दिखाई दिया, जिसके परिणामस्वरूप कांग्रेस को एक निर्वाचित विधायक की हानि उठानी पड़ी। निश्चित ही इससे विधानसभा में कांग्रेस की संख्यात्मक स्थिति कमजोर हुई है और आगामी राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में नई राजनीतिक चुनौती उत्पन्न हो गई है।

राज्यसभा सीट का बताया गणित

राकेश यादव ने अपनी चिट्‌ठी में राज्यसभा सीट को लेकर भी चिन्ता जताई है। उन्होंने लिखा है कि वर्तमान स्थिति में कांग्रेस विधायकों की संख्या 63 रह गई है, जबकि राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 मत आवश्यक हैं अर्थात पार्टी के पास केवल 5 मतों का सीमित सुरक्षा अंतर शेष है। ऐसी परिस्थिति में क्रॉस वोटिंग, विधायकों की अनुपस्थिति या तकनीकी कारणों से मत अमान्य होने जैसी संभावनाएँ कांग्रेस की एकमात्र राज्यसभा सीट को गंभीर खतरे में डाल सकती हैं। राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार भारतीय जनता पार्टी द्वारा तीसरी राज्यसभा सीट जीतने के उद्देश्य से रणनीतिक प्रयास किए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस के मतों को आवश्यक संख्या से नीचे लाने के लिए क्रॉस वोटिंग, अनुपस्थिति अथवा अन्य राजनीतिक तरीकों का उपयोग किया जा सकता है। इसलिए प्रदेश कांग्रेस संगठन को अत्यंत सक्रिय, सतर्क एवं संगठित रहने की आवश्यकता है।

प्रदेश कांग्रेस संगठन की कमजोर पकड़

प्रदेश कांग्रेस संगठन की कमजोर पकड़, विधायकों के बीच समन्वय की कमी तथा राजनीतिक प्रबंधन में शिथिलता को देखते हुए यह आशंका प्रबल हो गई है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस अपनी एकमात्र राज्यसभा सीट भी खो सकती है, जिसका प्रभाव राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा। इस परिप्रेक्ष्य में कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से आग्रह किया गया है कि मध्यप्रदेश की स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संगठनात्मक समीक्षा, विधायकों से संवाद, चुनाव प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था तथा कानूनी मामलों में अनुभवी नेतृत्व की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जाए। मध्यप्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की अपेक्षा है कि समय रहते निर्णायक हस्तक्षेप कर संगठन को मजबूत किया जाएगा और पार्टी के राजनीतिक हितों की रक्षा की जाएगी।

Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)
Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)http://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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