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नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति चुनाव में साउथ वर्सेस साउथ की लड़ाई होने जा रही है। इंडिया गंठबंधन ने मंगलवार को पूर्व न्यायाधीश जस्टिट बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी के नाम का ऐलान किया। कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा कि सर्वसम्मति से उनका नाम तय किया गया है। इंडिया गठबंधन की ओर से हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में खड़गे ने कहा क बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित न्यायविदों में से एक हैं। वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के जज, गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के लिए लगातार काम किया है।
आंध्र प्रदेश के किसान परिवार में हुआ था जन्म
बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश के रंगा रेड्डी जिले के अकुला मायलारम गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी से 1971 में लॉ की पढ़ाई पूरी की। वे इसके बाद कई अहम पदों पर रहे। रेड्डी गोवा के पहले लोकायुक्त भी रह चुके हैं। पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी का मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से होगा।
सभी दलों से मांगा समर्थन
विपक्षी गठबंधन की ओर से अपने नाम का एलान किए जाने के बाद उन्होंने कहा कि मैं सभी दलों से समर्थन की अपील करता हूं। जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी एवी एजुकेशन सोसाइटी की ओर से संचालित शैक्षणिक संस्थानों के सचिव और संवाददाता भी रहे। 1993-94 के लिए आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष चुने गए। 8 जनवरी, 1993 को उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद के कानूनी सलाहकार और स्थायी वकील नियुक्त किए गए। 2 मई, 1995 से आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त किए गए। उन्हें 2005 में गौहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। 2007 में उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए। वे 2011 में सेवानिवृत्त हुए।



