ट्रंप ने ब्राजील सहित सात देशों पर टैरिफ बढ़ाया, लूला डा सिल्वा ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

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ट्रंप ने ब्राजील सहित सात देशों पर टैरिफ बढ़ाया, लूला डा सिल्वा ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सात देशों पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा की, जिनमें ब्राजील भी शामिल है। ट्रंप ने ब्राजील में निर्मित उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक टैक्स लगाने की योजना का खुलासा किया। इसके पीछे उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के खिलाफ चल रही न्यायिक कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया।

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अन्य देशों पर भी टैरिफ

ब्राजील के अलावा ट्रंप ने अल्जीरिया, इराक, लीबिया और श्रीलंका पर 30 प्रतिशत, ब्रुनेई और मोल्दोवा पर 25 प्रतिशत तथा फिलीपींस पर 20 प्रतिशत का टैरिफ लगाने की घोषणा की। यह कदम इन देशों के साथ अमेरिका के व्यापारिक और राजनीतिक संबंधों में उभरते तनाव को दर्शाता है।

ब्राजील से टकराव और बोलसोनारो पर टिप्पणी

ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि ब्राजील पर यह टैरिफ वहां के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के साथ हो रहे “अनुचित व्यवहार” के विरोध में लगाया गया है। बोलसोनारो फिलहाल ब्राजील में तख्तापलट की साजिश के आरोपों का सामना कर रहे हैं।

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राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा की कड़ी प्रतिक्रिया

ब्राजील के वर्तमान राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने ट्रंप की घोषणा के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक लंबा पोस्ट साझा करते हुए अमेरिका को चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “ब्राजील एक संप्रभु राष्ट्र है जिसकी स्वतंत्र न्यायिक और संवैधानिक संस्थाएं हैं, और वह किसी भी प्रकार की संरक्षकता या हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा।”

न्यायपालिका में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं

लूला डा सिल्वा ने जोर देते हुए कहा कि बोलसोनारो के खिलाफ चल रही न्यायिक प्रक्रिया ब्राजील की न्यायपालिका के अधीन है और इस पर कोई बाहरी दबाव या धमकी सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को हिंसक आचरण या आक्रामकता से भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए।

टैरिफ का जवाब मिलेगा: लूला

ब्राजील के राष्ट्रपति ने ट्रंप की टैरिफ नीति को एकतरफा और अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका टैरिफ बढ़ाता है, तो ब्राजील भी अपने “आर्थिक पारस्परिकता कानून” के तहत जवाबी कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका को पिछले 15 वर्षों में ब्राजील के साथ व्यापार से 410 अरब डॉलर का अधिशेष हुआ है, इसलिए व्यापार घाटे का दावा निराधार है।

डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले से अमेरिका और ब्राजील के संबंधों में नया तनाव पैदा हो गया है। जहां ट्रंप इसे राजनीतिक न्याय की प्रतिक्रिया बता रहे हैं, वहीं लूला डा सिल्वा इसे संप्रभुता और न्यायिक स्वतंत्रता पर हमला मानते हुए दो टूक जवाब दे रहे हैं। आने वाले समय में यह टकराव वैश्विक व्यापार और कूटनीति पर असर डाल सकता है।

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