डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम के बाद बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को हर हाल में फिर से खोला जाएगा—चाहे समझौता हो या न हो। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की कोशिशें तेज हो रही हैं।
जेडी वेंस के पाकिस्तान रवाना होने से पहले ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी सेना को सैन्य रूप से कमजोर कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका जलडमरूमध्य में अपनी उपस्थिति बनाए रखेगा और इसे खुला रखेगा।
इस बीच, इस्लामाबाद में शांति वार्ता के लिए ईरान का प्रतिनिधिमंडल भी पहुंच चुका है, जिसका नेतृत्व मोहम्मद बाकेर गालिबफ कर रहे हैं। इस वार्ता का उद्देश्य पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करना है।
वहीं, जेडी वेंस ने वार्ता को लेकर उम्मीद जताई है कि यदि ईरान ईमानदारी से बातचीत करता है, तो अमेरिका सकारात्मक और रचनात्मक सहयोग के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी कि किसी भी तरह की बेईमानी पर वॉशिंगटन की प्रतिक्रिया सख्त होगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या कूटनीति तनाव को कम कर पाती है या स्थिति और गंभीर होती है।


