मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ख्वाजा आसिफ और बिन्यामिन नेतन्याहू के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में और तल्खी आ गई है।
ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जब इस्लामाबाद में शांति वार्ता की तैयारी हो रही है, उसी समय लेबनान में निर्दोष लोगों की जान ली जा रही है। उन्होंने इजराइल पर आरोप लगाया कि गाजा, ईरान और अब लेबनान में भी आम नागरिकों का खून बहाया जा रहा है।
अपने बयान में उन्होंने इजराइल को अभिशाप” बताते हुए उसकी तुलना कैंसर से की और कहा कि ऐसा देश बनाने वाले लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
इस बयान पर इजराइल की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि किसी भी सरकार द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, खासकर उस देश से जो खुद को शांति प्रक्रिया का हिस्सा बताता है।
इस घटनाक्रम से साफ था कि मिडिल ईस्ट की जंग अब कूटनीतिक मोर्चे पर भी नए तनाव पैदा कर रही है।
हालांकि इजराइल की कड़ी आपत्ति और फटकार के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपनी पोस्ट को डिलीट कर दिया है,


