भारतीय अप्रवासियों के साथ बुरे व्यवहार पर बोला विदेश मंत्रालय-अमेरिकी अधिकारियों से करेंगे बात, पीएम भी जा रहे हैं अमेरिका

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नई दिल्ली। अमेरिका की ओर से अवैध भारतीय प्रवासियों को बेड़िया बांधकर वापस भारत भेजे जाने का मामला गरमाता जा रहा है। इस मामले पर विपक्ष का आरोप है कि भारतीय प्रवासियों के साथ अमेरिका ने बुरा व्यवहार किया है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका ने भारत को 487 संभावित भारतीय नागरिकों के बारे में सूचित किया है, जिन्हें निष्कासन आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार अवैध अप्रवासी पाए गए भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए ट्रंप प्रशासन के संपर्क में है इस दौरान उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से वापस भेजे गए भारतीय अवैध प्रवासियों के साथ दुर्व्यवहार की चिंता जताई।

विदेश सचिव विक्रम ने कहा कि अमेरिका ने भारत को बताया है कि वहां फिलहाल 487 ऐसे लोग हैं जिन्हें वहां की सरकार भारतीय मानती है और उन्हें फाइनल रिमूवल ऑर्डर दिया गया है यानी डिपोर्टेशन के आदेश दे दिए गए है। विदेश सचिव ने बताया कि भारत सरकार की ओर से डिटेल मांगने पर- अमेरिका की ओर से 298 लोगों की डिटेल्स दी गई हैं। उन्होंने कहा सरकार को ये लिस्ट हाल ही में मिली है और इसे चेक करने के बाद हम अमेरिका को इस बारे में कोई जवाब देंगे।

विदेश सचिव ने कहा कि ऐसे लोगों की संख्या को लेकर लगातार बात हो रही है, लेकिन इसके बारे में सरकार तभी कुछ कह सकती है, जब इन लोगों की नागरिकता साबित हो जाए। ऐसे में ये भी कहना मुश्किल है कि अभी ऐसी कितनी फ्लाइट्स आएंगी। मिस्री ने कहा इस मामले पर हम अमेरिकी प्रशासन के साथ बेहद पारदर्शी रहे हैं। डिपोर्टेशन के तरीके और लोगों के हाथ पैर बांधने को लेकर किए गए सवाल पर मिस्री ने कहा कि इस मामले पर विदेश मंत्री ने बयान दिया है, वो सबने देखा है। ऐसे में ये समझना जरूरी है कि यूज़ ऑफ रिस्ट्रेन को लेकर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर 2012 से ही लागू है।

लोगों के साथ गलत व्यवहार नहीं होना चाहिए

मिस्री ने कहा कि ऐसे सवाल उठे हैं कि ये फ्लाइट किन नियमों के तहत आई और फ्लाइट क्लियरेंस कैसे हुई। उन्होंने कहा कि इसमें कोई बदलाव नहीं है। इस सवाल के जवाब में क्या अमेरिका के ये आरोप सही हैं कि भारत अवैध अप्रवासियों को वापस लेने में असयोग करने वाले देशों में शामिल है, इसे लेकर मिस्री ने कहा कि ऐसा नहीं है। कोई भी देश इस तरह की प्रक्रिया में देखता है कि जिन्हें वापस भेजा जा रहा है वो भारत के नागरिक हैं कि नहीं। फ्लाइट में वापस भेजे गए लोगो के साथ दुर्व्यवहार को लेकर मिस्री ने ये भी कहा कि ऐसे मुद्दों को उठाना बिल्कुल सही है और हम यूएस प्रशासन के साथ ऐसे मुद्दों को उठाते रहते हैं कि डिपोर्ट किए गए लोगों के साथ किसी तरह का गलत व्यवहार नहीं होना चाहिए, हम पहले भी इस तरह मसले उठाते रहे हैं।

विदेश मंत्री डॉ. ने अपने बयान में कही थी ये बात

अमेरिका से निर्वासित किए गए भारतीय नागरिकों के बारे में राज्यसभा में उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा था, हम जानते हैं कि कल 104 लोग वापस भारत पहुंचे हैं। हमने ही उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि की है. हमें ऐसा नहीं समझना चाहिए कि यह कोई नया मुद्दा है। यह एक ऐसा मुद्दा है जो पहले भी होता रहा है।

अमेरिका जा रहे हैं पीएम नरेंद्र मोदी

फ्रांस के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10-12 फरवरी तक फ्रांस के दौरे पर रहेंगे। पीएम यहां एआई शिखर सम्मेलन की सहअध्यक्षता करेंगें, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति और चीन के उप प्रधानमंत्री समेत कई देश के राष्ट्राध्यक्ष पहुंचेंगे। इसके बाद पीएम मोदी अमेरिका का दौरा भी करेंगे। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के न्योते पर पीएम मोदी 12-13 फरवरी को अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर होंगे।

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