यमुनोत्री धाम में भूस्खलन: रेस्क्यू अभियान फिर शुरू, यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई
यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर सोमवार को हुए भूस्खलन के बाद आज सुबह फिर से खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। यह हादसा नौकैंची के पास हुआ, जब पहाड़ी से मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से कई लोग उसमें दब गए।

सोमवार देर शाम तक दो शव (एक 12 वर्षीय किशोरी सहित) मलबे से बरामद किए गए, जबकि एक घायल व्यक्ति को इलाज के लिए जानकीचट्टी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। अभी भी एक से दो लोगों के दबे होने की आशंका बनी हुई है। हालांकि तेज बारिश के चलते रात करीब 9 बजे रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा था।
पैदल यात्रा पर अस्थायी रोक
जानकारी के अनुसार, जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर जब यह घटना हुई, उस समय करीब चार से पांच श्रद्धालु रास्ते में थे, जो खाई में गिर गए। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और मुंबई निवासी रशिक को सुरक्षित निकाल कर अस्पताल भेजा।
सुरक्षा को देखते हुए यात्रा फिलहाल रोकी गई है और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। जानकीचट्टी चौकी प्रभारी गंभीर सिंह तोमर ने बताया कि जिला अधिकारी के मौके पर पहुंचने के बाद वैकल्पिक मार्ग ‘भंडेली गाड़-यमुनोत्री’ से आवाजाही को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 22 से 26 जून तक देहरादून, नैनीताल, टिहरी और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना जताई है। इसके चलते राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मौसम और सुरक्षा को देखते हुए सावधानी बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।




