अहमदाबाद हादसे के बाद एयर इंडिया से डरने लगे हैं लोग, एक सर्वे में 79 प्रतिशत लोगों ने जताई नाराजगी

Date:

नई दिल्ली। अहमदाबाद हादसे के बाद एयर इंडिया को लेकर यात्रियों में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिल रही है। हादसे के बाद भी एयर इंडिया के विमानों में लगातार खराबी देखने को मिल रही है। लोकलसर्कल्स द्वारा कराए गए एक सर्वे में एयर इंडिया की उड़ानों को लेकर लोगों ने कड़ी टिप्पणियां की हैं। करीब 79 प्रतिशत यात्रियों ने उड़ानों की गुणवत्ता पर नाराजगी जताई है। यह आंकड़ा वर्ष 2024 में 55 प्रतिशत था।

उल्लेखनीय है कि 12 जून को एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 बोइंग 787 ड्रीमलाइनर अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में 242 में से केवल एक यात्री जीवित बच पाया, जबकि जमीन पर मौजूद 34 अन्य लोगों की भी मौत हो गई थी। इसके बाद से लोगों में एयर इंडिया के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

सर्वे में 15 हजार यात्री हुए शामिल

हाल ही में कराए गए सर्वे में देश के 307 से अधिक जिलों से लगभग 15,000 यात्रियों ने हिस्सा लिया। इनमें 63 प्रतिशत पुरुष और 37 प्रतिशत महिलाएं थीं। प्रतिभागियों में 44 प्रतिशत टियर-1 शहरों से, 26 प्रतिशत टियर-2 और 30 प्रतिशत टियर-3, 4, 5 ग्रामीण क्षेत्रों से थे।

कई तरह की शिकायतें आईं सामने

सर्वे में 48 प्रतिशत यात्रियों ने कहा कि उन्हें अपने सामान की हैंडलिंग में परेशानियों का सामना करना पड़ा, जबकि 2024 में यह संख्या 38 प्रतिशत थी। 36 प्रतिशत यात्रियों ने फ्लाइट के मनोरंजन सिस्टम को खराब बताया, जो पिछले वर्ष 24 प्रतिशत था। 31 प्रतिशत यात्रियों ने एयर इंडिया की कस्टमर सर्विस से असंतोष जताया, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 24 प्रतिशत था। 31 प्रतिशत यात्रियों ने खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।

देरी पर चलने की शिकायतें कम

उड़ानों के समय पर चलने को लेकर शिकायतें 2024 के 69 प्रतिशत से घटकर अब 46 प्रतिशत रह गई हैं। स्टाफ के व्यवहार को लेकर असंतोष भी घटकर 38 प्रतिशत से 31 प्रतिशत हो गया है। इसके अलावा, फ्लाइट संबंधित सूचनाओं में पारदर्शिता में भी मामूली सुधार देखा गया।

डीजीसीए ने दिखाई है सख्ती

अहमदाबाद हादसे के बाद डीजीसीए ने एयर इंडिया पर सख्त रुख अपनाया है। डीजीसीए ने विमानों की गहन जांच के साथ ही एयर इंडिया के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को क्रू रोस्टरिंग में लापरवाही के कारण हटाने के आदेश दिए थे। डीजीसीए ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर भविष्य में ऐसी गंभीर लापरवाहियां दोहराई गईं तो एअरलाइन का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।

Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)
Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)http://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

नई दिल्ली।  महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल को पास कराने की केंद्र सरकार की मंशा पर पानी फिर गया है। संसद के तीन दिवसीय विशेष के दौरान महिला आरक्षण 131वें संशोधन बिल को पास नहीं कराया जा सका। महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े तीन बिलों के ऊपर शुक्रवार की शाम को हुई वोटिंग में पक्ष में सिर्फ 298 वोट ही पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट पड़े।  इस बिल को दो तिहाई मत से पास होना था, जो इसे नहीं मिल पाया। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी दलों से इस बिल का समर्थन करने की अपील की, तो वहीं विपक्ष ने इसे लेकर गंभीर आपत्तियां उठाईं। लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन संशोधन विधेयक पर व्यापक चर्चा के बाद अब इस महत्वपूर्ण बिल पर शुक्रवार शाम को वोटिंग हुई। कुल 528 सदस्यों ने मतदान किया, जिसमें 298 सांसदों ने इस विधेयक के समर्थन में मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में वोट डाला। इसके कारण लोकसभा में यह प्रस्ताव गिर गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह विधेयक दो-तिहाई सदस्यों द्वारा पारित नहीं हो सका। अब इस संविधान संशोधन विधेयक पर आगे की कार्यवाही करना संभव नहीं है। दो अन्य विधेयकों के संबंध में आगे की कार्यवाही पर सत्ता पक्ष द्वारा निर्णय लिया जाना है। रिजिजू ने कहा विपक्ष ने साथ नहीं दिया संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने से जुड़ा ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक था। इसी पर यह नतीजा आया है। विपक्ष ने इसमें साथ नहीं दिया। बहुत खेद की बात है। आपने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया। महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का हमारा अभियान जारी रहेगा और हम उन्हें अधिकार दिलाकर ही रहेंगे।