सांसद लालवानी की पार्टी के प्रति यह कैसी निष्ठा, जिस अस्पताल में हैं भर्ती, वहां के स्टाफ को ही दिला दी भाजपा की सदस्यता!

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-हरीश फतेहचंदानी

इंदौर। सांसद शंकर लालवानी का एक फोटो सोशल मीडिया पर चल रहा है, जिसमें वे मरीजों के कपड़े पहने अस्पताल के स्टाफ के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। इस फोटो के साथ यह मैसेज दिया गया है कि सांसद के प्रति पार्टी की निष्ठा देखिए, जिस अस्पताल में भर्ती हैं, वहां के पैरामेडिकल स्टाफ को दिलवा दी भाजपा की सदस्यता।

सांसद महोदय के इस फोटो की भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं में जबरदस्त चर्चा है। चर्चा यह है कि सदस्यता अभियान 2 सितंबर से चल रहा है। इसको लेकर अनगिनत बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन सांसद एक में भी नहीं आए। मैदान से भी वे खुद तो गायब रहे ही उनकी टीम भी नजर नहीं आई। हां, नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविरों में उनके एक-दो कार्यकर्ता जरूर दिखाई दिए। अब जबकि सदस्यता अभियान का एक चरण खत्म हो चुका है, दूसरा चरण शुरू हो गया है, अब सांसद महोदय को इसकी चिन्ता सताने लगी है। जब कोई नहीं मिल रहा तो अस्पताल के स्टाफ को ही सदस्य बना दिया और फोट जारी कर यह बताने की कोशिश की है कि वे अभियान को लेकर कितने गंभीर हैं।

अभी तक सबसे आगे रमेश मेंदोला

भाजपा ने सांसद को 25 हजार सदस्य बनाने का टार्गेट दिया था। विधायकों और महापौर को 15-15 हजार का लक्ष्य मिला था। भाजपा के सूत्र बताते हैं कि अब तक इस अभियान में सबसे आगे विधानसभा दो के ‌विधायक रमेश मेंदोला हैं। उनके 1 लाख 35 हजार हजार से ऊपर सदस्य बनाए जाने की खबर आ रही है। इसी तरह विधानसभा 4 की विधायक मालिनी दूसरे नंबर पर चल रही हैं, उन्होंने अब तक 61 हजार से ज्यादा सदस्य बना लिए हैं। तीसरे नंबर पर विधानसभा तीन के विधायक गोलू शुक्ला बताए जा रहे हैं। वे भी लक्ष्य से काफी आगे निकल गए हैं। चौथे नबर पर विधानसभा पांच के विधायक महेंद्र हार्डिया हैं, जबकि राऊ के विधाय मधु वर्मा काफी पीछे चल रहे हैं। हार्ट अटैक के बाद उनका अभियान पिछड़ा है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी लक्ष्य से आगे बताए जा रहे हैं, लेकिन सांसद महोदय का पार्टी के लोगों के पास नहीं है।

दो मंत्रियों से भला कौन पूछे…

इंदौर में दो मंत्री हैं। एक को महाराज से ही फुर्सत नहीं। भाजपा में शामिल होने के बाद वे दो बार मंत्री बन गए लेकिन प्रत्यक्ष रूप से पार्टी के नहीं हो पाए। भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं से उनका कोई लेनादेन नहीं। वे अपने अन्य कार्यक्रमों में ही व्यस्त हैं। उनके आंकड़े भी भाजपा के नेताओं व कार्यकर्ताओं को नहीं पता और पूछने की हिमाकत भी कौन करे। दूसरे मंत्री महोदय तो कोर कमेटी की बैठक में कह देते हैं कि इंदौर में किसी की जरूरत नहीं, मैं हूं ना। कहा जा रहा है कि हर आयोजन में विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले मंत्रीजी इस बार सदस्यता अभियान में देश में रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में हैं।

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