तमिलनाडु के नय नायक बने थलापति विजय, रजनीकांत और कमल हासन को पीछे छोड़ा

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नई दिल्ली। तमिलनाडु विधानसभा के रुझानों में थलापति विजय की पार्टी को अपार बहुमत मिलता दिख रहा है। सिनेमा से लोगों के दिलों पर राज करते-करते वे राजनीति में आए और तमिलनाडु के नए नायक बन गए। तमिल सुपरस्टार विजय पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम (टीवीके) कमाल कर रही है। पहले चुनाव में ही थलापति विजय ने चुनावी मैदान में अपना दबदबा साबित कर दिया।

फुल टाइम राजनीति का लिया फैसला

थलापति विजय अब फिल्मी दुनिया से आकर राजनीति में कद्दावर नाम बन जाने वाले एम.जी. रामचन्द्रन और जयललिता की श्रेणी में खड़े हो गए हैं। विजय ने 2024 में अपनी राजनीतिक पार्टी “तमिलगा वेत्री कझगम” (टीवीके) शुरू की थी और उसी समय उन्होंने यह घोषणा कर दी कि वे फिल्मों से संन्यास लेकर पूरी तरह राजनीति पर ध्यान देंगे। यही वह फैसला था जिसे जनता ने पसंद किया। इससे पहले कमल हासन और रजनीकांत की कोशिशें इसलिए बेकार हो गई थीं, क्योंकि वे पार्ट टाइम राजनीति करते थे।

चुनावों में दिया था नारा विजय आएगा

चुनावों में उन्होंने कहा था- विजय आएगा। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करते समय कई बार उन्होंने यह नारा लगाया। अब सबके मन में यही सवाल है कि विजय ने कैसे वो कर दिखाया जो साउथ फिल्म इंडस्ट्री के रजनीकांत और कमल हसन जैसे सुपरस्टार नहीं कर सके। विजय से पहले रजनीकांत और कमल हसन की बात कर लेते हैं कि आखिर क्यों भगवान की तरह पूजे जाने वाले इन एक्टर्स को चुनावों में लोगों का प्यार नहीं मिला। रजनीकांत ने साल 2017 में राजनीति में आने का ऐलान किया, लेकिन सालों तक उन्होंने इस तरफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया। फिर उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर कदम पीछे खींच लिए. वहीं, कमल हसन ने पूरी प्लानिंग के साथ राजनीति में कदम रखा। साल 2018 में अपनी पार्टी भी बनाई, जिसका नाम मक्कल नीधि मय्यम है। वे भी फिल्मों से जुड़े रहे, जिसके कारण जनता ने दूरी बनाई।

विजय ने युवाओं में बनाई घुसपैठ

विजय ने युवाओं और छात्रों में पूरी तरह से घुसपैठ बनाई। उन्होंने राज्य के बोर्ड एग्जाम टॉपर्स को सम्मानित करने के लिए बड़े स्तर पर कार्यक्रम शुरू किया, जहां उन्होंने भाषण में छात्रों से पैसे लेकर वोट न डालने की अपील की। इस तरह मिडिल क्लास में उनकी छवि अच्छी बनी और जो लोग उनकी एक्टिंग के फैन थे, उन्होंने राजनेता के तौर पर भी उन्हें स्वीकार किया। टीवीके के मेनिफेस्टो में भी युवाओं, महिलाओं और मछुआरों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। विजय की पार्टी ने एजुकेशन के लिए बिना गारंटी वाला लोन का भी ऐलान किया, जो युवाओं को पसंद आया।

Ardhendu Bhushan
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Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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