नई दिल्ली। वक्फ संसोधन बिल को लेकर अब राजनीति और गरमाने लगी है। एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ संसोधन बिल को लेकर जल्द आंदोलन करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि हम एक मस्जिद खो चुके हैं अब और मस्जिद, खानकाहों, दरगाहों और यतीम खानों को नहीं खोना चाहते। ओवैसी पहले भी इस बिल का जोरदार विरोध कर चुके हैं।
तेलंगाना के महबूबनगर में उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि आप मुसलमानों के लिए सेंट्रल वक्फ काउंसिल और स्टेट वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिमों को मेंबर क्यों बनाना चाहते हैं? इस मुल्क की ताकत हर मजहब को अपने–अपने मजहब पर चलना है। ओवैस ने कहा पीएम नरेंद्र मोदी सिर्फ मुसलमानों को निशाना बना रहे हैं ताकि उनको चुनाव में शिकस्त ना हो। उन्होंने कहा कि वक्फ का मसला देवबंदी, बरेलवी और अहल–ए–हदीस का नहीं है बल्कि पूरे मुसलमानों का मसला है। मैं पूछना चाहता हूं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कि वक्फ निकलेगा तो कौन से कानून के तहत मेरी जायदाद की हिफाजत मिलेगी?
यह जमीन हमारे बुजुर्गों ने दी है
ओवैसी ने कहा कि जो चीज हिटलर के वक्त जर्मनी में यहूदियों से दोहराई गई थी, आज वहीं तारीख मुसलमानों के साथ दोहराई जा रही है। भाजपा के लोग कहते हैं कि 8 लाख एकड़ जमीन वक्फ की है, तो सुनो किसी सरकार, आरएसएस, भाजपा या राजनीतिक पार्टी के लोगों ने यह जमीन नहीं दी बल्कि हमारे बुज़ुर्गों ने दी है।




