तिरुवनंतपुरम। चुनाव परिणाम घोषित होने के 9 दिन बाद आखिरकार कांग्रेस को केरल में मुख्यमंत्री मिल गया है। वीडी सतीशन केरल के अगले मुख्यमंत्री होंगे। सीएम की दौर में केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला का नाम भी आगे चल रहा था, लेकिन इन सतीशन ने इन सबको पीछे छोड़ दिया।
लगातार छठी बार विधायक बने हैं
वीडी सतीशन ने 2026 का केरल विधानसभा चुनाव परवूर निर्वाचन क्षेत्र से जीता है। इसके साथ वे छठवीं बार विधायक बने हैं। वे पिछले 25 वर्षों से परवूर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने पहली बार वर्ष 2001 में इस सीट पर जीत हासिल की थी।
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केरल कांग्रेस का प्रमुख चेहरा बने
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर सतीशन ने सत्ताधारी वामपंथी सरकार के खिलाफ यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के अभियान के एक प्रमुख चेहरे के रूप में अपनी पहचान बनाई। वे राज्य सरकार पर लगातार हमलावर रहे। उन्होंने केरल प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष के तौर पर भी अपनी सेवाएं दी हैं। 2021 के केरल विधानसभा चुनावों के बाद उन्हें कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला के स्थान पर विपक्ष के नेता बनाया गया था।
छात्र जीवन से शुरू की राजनीति
1964 में कोच्चि के पास नेटूर में जन्मे वी.डी. सतीशन ने केरल छात्र संघ (केसीयू) से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। पेशे से वकील और समाज सेवक सतीशन ने धीरे-धीरे यूथ कांग्रेस और फिर मुख्यधारा की राजनीति में अपनी पहचान बनाई।
इन कारणों से सारे नेताओं को पीछे छोड़ा
केरल विधानसभा चुनाव में इस बार सतीशन सबसे आगे रहा। उन्होंने चुनाव को लीड किया और पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी की तरह केरल कांग्रेस का चेहरा बने। पार्टी यह मानती है कि उनकी मेहनत के कारण ही 10 साल बाद कांग्रेस को ऐतिहासिक जीत मिली। कहा जा रहा है कि पार्टी के कार्यकर्ता भी सतीशन के नाम पर अड़े थे। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने खुलकर सतीशन का समर्थन किया।
हर वर्ग में पकड़ रखते हैं सतीशन
केरल में कहा जाता है कि सतीशन की हर वर्ग में अच्छी पैठ है। केरल कांग्रेस की गुटबाजी का उन पर कोई असर नहीं हुआ और वे सारे नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की कोशिश करते रहे। युवा वर्ग में भी उन्होंने अच्छी पकड़ बनाई, जिसका फायदा कांग्रेस को मिला।
राजनीतिक जीवन का खेल लिया था जुआ
इस विधानसभा चुनाव में सतीशन ने घोषणा की थी कि अगर यूडीएफ 140 में से 100 सीटें नहीं जीतता है, तो वह राजनीति छोड़ देंगे और ‘वनवास’ पर चले जाएंगे। राज्य में यूडीएफ की जीत में उनके इस दावे का योगदान भी रहा।
कांग्रेस की वापसी में निभाया बड़ा रोल
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सतीशन ने बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाकर जनता का समर्थन हासिल किया। उनकी रणनीति ने कांग्रेस को लंबे समय बाद सत्ता में वापसी दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इन्हीं सब कारणों से वे सीएम पद की रेस में केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला से काफी आगे निकल गए।


