उत्तर भारत में मानसून की दस्तक से तबाही: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी नुकसान, कई लापता
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मानसून की पहली झमाझम बारिश ने कहर बरपा दिया है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बादल फटने और सड़क हादसों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई क्षेत्रों में लोगों की जान गई है, अनेक लापता हैं, और प्रमुख रास्ते बंद हो गए हैं।

हिमाचल प्रदेश: बादल फटने से तबाही
- धर्मशाला और कुल्लू जिलों में बादल फटने के बाद कई लोग पानी में बह गए।
- धर्मशाला के मनूणी खड्ड में एक बिजली परियोजना पर काम कर रहे 9 श्रमिक बह गए। इनमें से 6 के शव बरामद कर लिए गए हैं, एक को जीवित बचाया गया, जबकि 2 अब भी लापता हैं।
- सैंज में एक ही परिवार के 3 सदस्य पानी में बह गए; तलाश अभी जारी है।
- प्रदेश में 53 सड़कें बंद पड़ी हैं – कुल्लू में 23, मंडी में 16, लाहौल-स्पीति में 7, और सिरमौर में 3।
- 135 बिजली के ट्रांसफार्मर और 147 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। अकेले कुल्लू में 74 ट्रांसफार्मर और 118 पेयजल योजनाएं बंद हैं।
उत्तराखंड: अलकनंदा में बहे 8 पर्यटक
- रुद्रप्रयाग जिले में एक सड़क हादसे के बाद 8 पर्यटक उफनती अलकनंदा नदी में बह गए। उनकी तलाश में NDRF, SDRF, पुलिस, फायर ब्रिगेड और अन्य एजेंसियां लगी हैं।
- रुद्रप्रयाग के रतूड़ा क्षेत्र से एक शव बरामद हुआ है।
- केदारघाटी की लाइफलाइन, रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर सोनप्रयाग और मुनकटिया के पास रुक-रुककर भूस्खलन हो रहा है, जिससे केदारनाथ यात्रा बुरी तरह बाधित है।
- शुक्रवार को सोनप्रयाग में यात्रियों को तीन घंटे तक रोका गया।
जम्मू-कश्मीर: चिनाब नदी उफान पर
- भारी बारिश के कारण चिनाब नदी उफान पर है, जिससे बगलिहार जलविद्युत परियोजना में पानी भर गया।
- डोडा-किश्तवाड़-रामबन रेंज के डीआईजी श्रीधर पाटिल ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए लोगों से नदियों और धाराओं से दूर रहने की अपील की है।
अन्य राज्यों में भी बारिश का असर
- दिल्ली में मानसूनी बारिश की उम्मीद बनी हुई है।
- उत्तर प्रदेश में शनिवार से भारी मानसूनी बारिश शुरू होने की संभावना है।
- राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी शुक्रवार को भारी बारिश हुई, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए हैं।
उत्तर भारत में मानसून का आगमन इस बार राहत से ज्यादा चुनौतियां लेकर आया है। प्रशासन, आपदा प्रबंधन एजेंसियां और स्थानीय लोग लगातार राहत कार्यों में जुटे हैं, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनियों के मद्देनजर अगले कुछ दिनों तक अतिरिक्त सतर्कता बेहद जरूरी है।




