पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन, लंबे समय से चल रहे थे बीमार

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन, लंबे समय से चल रहे थे बीमार
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन, लंबे समय से चल रहे थे बीमार

कानपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का शुक्रवार 28 नवंबर को निधन हो गया। 81 वर्षीय जासवाल लंबे समय से बीमार चल रहे थे। यूपीए के कार्यकाल में उन्होंने केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री तथा कोयला मंत्री जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी संभाली थी।

बताया जाता है कि शुक्रवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें किदवई नगर स्थित नर्सिंग होम लाया गया था। यहां से कॉर्डियोलॉजी रेफर किया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 25 सितंबर 1944 को कानपुर में जन्मे श्रीप्रकाश जायसवाल तीन बार लोकसभा सांसद रहे। केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री तथा कोयला मंत्री जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी संभाली। उनकी राजनीतिक यात्रा चार दशकों से अधिक समय तक सक्रिय और प्रभावशाली रही। हालांकि, पिछले लोकसभा चुनाव से पहले उनके भाई प्रमोद जायसवाल ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था।

महापौर के पद से शुरू की राजनीति

श्रीप्रकाश जायसवाल ने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1989 में कानपुर शहर के महापौर के रूप में की। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ाया। श्रीप्रकाश जायसवाल वर्ष 1999 में पहली बार कानपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद 2004 और 2009 में भी उन्होंने लगातार जीत दर्ज की। लगातार 15 वर्षों तक वे संसद में कानपुर का प्रतिनिधित्व करते रहे।

यूपीए के कार्यकाल में गृह राज्य मंत्री रहे

यूपीए के पहले कार्यकाल में श्रीप्रकाश जायसवाल को गृह राज्य मंत्री बनाया गया। इस पद पर वे 23 मई 2004 से 22 मई 2009 तक रहे। मनमोहन सिंह सरकार में उन्होंने आंतरिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और गृह मंत्रालय से जुड़े अहम दायित्व निभाए। यूपीए-2 में 19 जनवरी 2011 से 26 मई 2014 तक वे कोयला मंत्री के तौर पर काम किया। वे स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री के रूप में कोयला मंत्रालय और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग से जुड़े रहे। 2011 में वे केंद्रीय कोयला मंत्री बने और 2014 तक इस पद पर रहे। 2014 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

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