नई दिल्ली। हाल ही में जेल से रिहा हुए सपा के पूर्व विधायक और मंत्री आजम खान की मुसीबत और बढ़ गई है। रामपुर की अदालत ने मंगलवार को सपा नेता आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोनों पर 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। फैसले के बाद दोनों को अदालत ने तुरंत कस्टडी में ले लिया।
उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने 2019 में सिविल लाइंस थाने में अब्दुल्ला आजम के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग–अलग जन्म प्रमाण पत्रों से दो पैनकार्ड बनवाए हैं। आरोप है कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर दोनों ही पैनकार्ड का अब्दुल्ला ने समय समय पर इस्तेमाल भी किया है। इस केस का ट्रायल एपमी–एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा था, जहां दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी हो चुकी थी।
मंगलवार को इस मामले में अदालत को अपना फैसला सुनाना था, इसके लिए आजम खान और अब्दुल्ला आज़म दोनों को तलब किया था। दोपहर बाद आजम खान और अब्दुल्ला आज़म कोर्ट में पेश हुए। यहां जहां एमपी–एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट शोभित बंसल ने आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्लाह आज़म को धोखाधड़ी में दोषी करार दिया। मामले की सुनवाई के दौरान वादी भाजपा विधायक आकाश सक्सेना भी कोर्ट में मौजूद रहे। फैसले को देखते हुए कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बाहर बड़ी संख्या में भाजपा और सपा कार्यकर्ता भी एकत्र हो गए थे। उल्लेखनीय है कि आजम खान हाल ही में 23 सितंबर को सीतापुर जेल से जमानत पर रिहा हुए थे।
सितंबर में जेल से जमानत पर हुए थे रिहा
उल्लेखनीय है कि आजम खान हाल ही में 23 सितंबर को सीतापुर जेल से जमानत पर रिहा हुए थे। आजम खान के खिलाफ अब तक 12 मुकदमों में फैसला आ चुका है। सोमवार को पैन कार्ड मामले में दोष सिद्ध होने के बाद अब तक उन्हें सात मामलों में सजा मिल चुकी है जबकि, पांच मुकदमों में वह बरी हो गए हैं। आजम खान पर वर्ष 2019 में ताबड़तोड़ 84 मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें से अब तक 12 मामलों में फैसला आ चुका है।




