खाड़ी में युद्ध का खतरा गहराया: 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर भारत की नजर, निकासी योजना पर मंथन

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खाड़ी में युद्ध का खतरा गहराया: 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर भारत की नजर, निकासी योजना पर मंथन
खाड़ी में युद्ध का खतरा गहराया: 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर भारत की नजर, निकासी योजना पर मंथन

खाड़ी में युद्ध का खतरा गहराया: 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर भारत की नजर, निकासी योजना पर मंथन

ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बिगड़ते हालात ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ईरान की ओर से कुछ-कुछ अंतराल पर खाड़ी के सात देशों को निशाना बनाए जाने से व्यापक सैन्य टकराव की आशंका और गहरी हो गई है।

ऐसे में इन देशों में रह रहे करीब 90 लाख भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। आपात स्थिति में पूरे क्षेत्र से नागरिकों की सुरक्षित निकासी के विकल्प पर भी विचार शुरू हो चुका है। इस संबंध में नागरिक उड्डयन मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के बीच संवाद प्रारंभ हो गया है।

शनिवार को ईरान ने बहरीन, यूएई, कतर, सऊदी अरब, जॉर्डन, कुवैत और इजरायल पर हमले किए। हालांकि बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन यह संकेत साफ है कि ईरान संघर्ष को विस्तार देने की रणनीति पर आगे बढ़ सकता है।

सबसे अधिक भारतीय यूएई और सऊदी अरब में रहते हैं। यूएई के अमेरिका और इजरायल के साथ मजबूत संबंध हैं, जबकि सऊदी अरब अमेरिका का प्रमुख रणनीतिक साझेदार है। ऐसे में यदि युद्ध और गंभीर होता है तो इन देशों के ईरान की ओर से निशाने पर आने का जोखिम बढ़ सकता है।

भारत पहले भी खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष के दौरान अपने नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाने के अभियान चला चुका है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यदि युद्ध लंबा खिंचता है या हालात और बिगड़ते हैं तो बड़े पैमाने पर निकासी पर निर्णय लिया जा सकता है। इस दिशा में मंत्रालयों के बीच प्रारंभिक स्तर पर विमर्श जारी है।

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