नई दिल्ली। उन्नाव रेप केस के आरोपी कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने सेंगर की आजीवन कारावास की सजा निलंबित कर दी थी और सशर्त जमानत भी दे दी थी। दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जेके महेश्वरी और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की वेकेशन बेंच याचिका पर सुनवाई कर रही है। हाईकोर्ट ने सेंगर की सजा निलंबित किए जाने के साथ उसे सशर्त जमानत भी दे दी थी। हालांकि, उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के दूसरे मामले में 10 साल की सजा के कारण सेंगर अभी भी जेल में है। सीबीआई की ओर से एसजी तुषार मेहता ने कहा कि बहुत ही भयानक रेप नाबालिग का हुआ और हाईकोर्ट ने आईपीसी के सेक्शन 376 और पॉक्सो के सेक्शन 5 पर गौर नहीं किया। इस पर जस्टिस जेके महेश्वरी ने बताया कि सेक्शन 376 पर विचार किया जा चुका है। एसजी मेहता ने कहा कि हाईकोर्ट ने कई पहलुओं पर गौर नहीं किया, जबकि यह नाबालिग पीड़िता का मामला है। एसजी तुषार मेहता ने कहा कि सेंगर को दो मामलों में दोषी करार दिया गया है और घटना के वक्त पीड़िता की आयु 16 साल से कम थी, वह 15 साल 10 महीने की थी और इस दोषसिद्धी के विरुद्ध अपील लंबित है। उन्होंने कहा कि दोषी करार देने की वजह स्पष्ट थी और यह रेप एक पब्लिक सर्वेंट ने किया और सीबीआई ने तथ्यों और सबूतों के साथ यह साबित भी किया।
घटना के समय उन्नाव का विधायक था सेंगर
उल्लेखनीय है कि यह केस 2017 का है, जब उत्तर प्रदेश के तत्कालीन विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर उन्नाव जिले की एक नाबालिग लड़की ने रेप का आरोप लगाया था। साल 2019 में दिल्ली के ट्रायल कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को बलात्कार का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत और गवाहों को प्रभावित करने के मामलों में भी सेंगर को दोषी ठहराया गया था। 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर की अपील लंबित रहने तक सजा निलंबित कर दी और सशर्त जमानत भी दे दी थी, जिसमें काटी गई सजा की अवधि (सात साल पांच महीने) और कानूनी आधारों का हवाला दिया गया था।
परिवार ने की फांसी की सजा की मांग
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पीडिता की मां ने कहा कि कोर्ट का बहुत–बहुत धन्यवाद। इनको फांसी होनी चाहिए। सरकार मेरे बच्चों को सुरक्षा दें. हमारे परिवार को सुरक्षा दें। मेरे बच्चों को नौकरी दी जाए। पीड़िता की बहन ने कहा कि हमारी भाई और परिवार को सुरक्षा दी जाए मेरे बहन की झूठी रिकॉर्डिंग बनाई जा रही है। ये लोग कुछ भी कर रहे हैं। ये लोग बाहुबली हैं इनसे हमारे परिवार को खतरा है।


