वाह संजू भिया, आखिर मिल ही गया भाजपा में ‘सम्मान’, जब तक ‘रिचार्ज’ करवाओगे तभी तक चलेगा ‘नेटवर्क’

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वाह संजू भिया, आखिर मिल ही गया भाजपा में ‘सम्मान’, जब तक ‘रिचार्ज’ करवाओगे तभी तक चलेगा ‘नेटवर्क’
वाह संजू भिया, आखिर मिल ही गया भाजपा में ‘सम्मान’, जब तक ‘रिचार्ज’ करवाओगे तभी तक चलेगा ‘नेटवर्क’

इंदौर। काफी दिनों बाद कांग्रेस से भाजपा में आए विधानसभा एक के पूर्व विधायक संजय शुक्ला भाजपा के किसी कार्यक्रम में सार्वजनिक मंच पर दिखे। वह भी वर्तमान विधायक और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के कार्यक्रम में। संजू भिया को न केवल केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का सम्मान करने का मौका मिला, बल्कि उन्हें भी सम्मानपूर्वक मंच पर बिठाया गया। अब कहा जा रहा है कि संजू भिया को यह सम्मान पांच हजार कार्यकर्ताओं के भोजन के इंतजाम के एवज में मिला है।

भाजपा का कोई कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव नहीं भूला है, जब संजू भिया पानी पी-पी कर भाजपा उम्मीदवार कैलाश विजयवर्गीय को कोस रहे थे। पूरे चुनाव भर दुश्मनी चलती रही। फिर एक दिन अपने आका सुरेश पचौरी के माध्यम से वे भोपाल में भाजपा के मंच पर दिखे। पार्टी नेताओं के सामने विजयवर्गीय ने भी मन मसोसकर माला पहना दिया, लेकिन अदावत कोई इतनी जल्दी भूलता है?

अपनी ही विधानसभा में कोई नहीं पूछता

संजू भिया, भाजपा में जमा तो हो गए, लेकिन भाजपाईयों ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। वे खुद भी खुद को भाजपाई बना नहीं पाए। अपनी ही विधानसभा में कोई उन्हें नहीं पूछ रहा। अब तक भाजपा के बड़े आयोजनों की बात छोड़ भी दी जाए तो वार्ड स्तर के आयोजनों में भी वे नजर नहीं आते। भाजपा में होने के बाद भी अपनी विधानसभा का कोई छोटा-मोटा काम भी नहीं करा सकते। सारे विभागों के अधिकारियों को पता है कि किसके फोन पर काम करना है।

अचानक कैसे उमड़ा मंत्री को प्रेम

कल जब लोगों ने मंच पर संजू भिया को देखा तो आश्चर्य में पड़ गए। फिर भाजपा के नेताओं ने ही कहा कि अरे, इसे इसलिए मंच पर बिठाया है कि आज पांच हजार कार्यकर्ताओं के भोजन की व्यवस्था इनकी तरफ से ही है। और यह बात तो आपने ही खुद वहां मौजूद लोगों से कही कि खाने का इंतजाम आपकी तरफ से है। इसके बाद ही तो लोग कहने लगे संजू भिया जब तक रिचार्ज कराते रहेंगे तब तक इनका नेटवर्क चलता रहेगा।

पद मिला होता तो बच जाते भोजन के पैसे

संजू भिया क्या आपने कभी सोचा है कि आपके पास इतना धनबल, कार्यकर्ता बल होने के बाद भी भाजपा में आपकी पूछ क्यों नहीं है? अरे, जब आपके आका सुरेश पचौरी की भाजपा में नहीं चल रही तो मंत्री गुट के रहते आपकी दाल कहां गलने वाली है। अगर भाजपा आपको स्वीकार कर चुकी होती तो कोई पद नहीं दे देती। कोई ऐसा पद जिससे आप मंच पर बिना भोजन पर खर्च किए सुशोभित हो जाते।

सिर्फ चुनाव तक रहेंगे भाजपाई

भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में चर्चा है कि संजू भिया सिर्फ अपना धंधा-पानी बचाने के लिए भाजपा में आए हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि संजय शुक्ला और विशाल पटेल सिर्फ विधानसभा चुनाव तक ही भाजपाई हैं, चुनाव आते ही फिर कांग्रेस का झंडा थाम लेंगे। बड़े-बड़े बल्लमों के सामने इनको कोई टिकट देने से रहा और ये चुनाव लड़ने का मोह त्यागने से रहे।

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