राहुल गांधी की चेतावनी और कांग्रेस के लंगड़े घोड़े…

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मध्यप्रदेश की बेजान कांग्रेस में जान फूंकने आए राहुल गांधी ने कांग्रेस के लंगड़े घोड़ों को स्पष्ट चेतावनी दे दी है। उन्होंने साफ कह दिया है कि अब रेस के घोड़े रेस में, बारात के घोड़े बारात में चलेंगे, लेकिन लंगड़े घोड़ों को बाहर कर दिया जाएगा। राहुल गांधी की इस चेतावनी के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म है। कांग्रेस में चर्चा है कि राहुल गांधी ने कहीं कमलनाथ, दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं की ओर तो इशारा नहीं कर दिया।

राहुल गांधी की बातों का अगर विश्लेषण करें तो यह बात साफ है कि लंगड़े घोड़े वे हैं जो पिछले कई दशकों से कांग्रेस की कमान संभाल रहे हैं, लेकिन कांग्रेस को सत्ता से और दूर करते जा रहे हैं। कांग्रेस के लोग ही इसमें कमलनाथ का नाम शामिल कर रहे हैं, जिनके नेतृत्व में एक जीत के अलावा लगातार हार मिली। जीत भी ऐसी कि वे संभाल नहीं पाए और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ आधी कांग्रेस बाहर हो गई। लोकसभा चुनाव में तो कमलनाथ अपने गढ़ छिंदवाड़ा में बेटे को भी नहीं बचा पाए। राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि कई नेता कांग्रेस में रहकर भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। इस सूची में भी कमलनाथ का नाम इसलिए शामिल किया जा रहा है कि उनके भाजपा में जाने की अफवाह कई बार उड़ चुकी है।

अब बात कर लेते हैं दिग्विजय सिंह की। दो बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के कारण जमीनी पकड़ वाले इस नेता का प्रभाव अब धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। न तो किसी चुनाव में उनकी सक्रियता नजर आई और न ही किसी मुद्दे पर वे सड़कों पर नजर आए। हां, मीडिया की सुर्खियों में रहना उन्हें आता है और वे अपने विवादित बयानों से चर्चा में रहने की पूरी कोशिश करते हैं। कांग्रेस वाले कह रहे हैं कि इससे पार्टी को क्या फायदा?

कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की अब तक कोई हैसियत नहीं रही है। एक तो सभी का चयन बड़े नेताओं के हस्तक्षेप से होता रहा है। इसका खामियाजा यह होता है कि वे सिर्फ अपने आकाओं के प्रति वफादारी निभाते रहे हैं। राहुल गांधी ने स्पष्ट कर दिया है कि अब जिला अध्यक्षों से लेकर ब्लॉक स्तर के नेताओं की भूमिका काफी शक्तिशाली होगी।

राहुल गांधी के सामने सबसे बड़ी चुनौती लंगड़े घोड़ों को बाहर करना है। अगर सीधे पार्टी से बाहर कर दिया तो भाजपा के अस्तबल में बहुत जगह है। हालांकि अभी कोई चुनाव नजदीक नहीं है, लेकिन भाजपा तो भाजपा है। मुफ्त में मिले घोड़ों का उपयोग तो वह कर ही लेगी।अगर बाहर नहीं किया और कोई पद भी नहीं दिया, तो वे लगातार रायता फैलाते रहेंगे। इसका एक ही इलाज है कि पूरे घर के ही बदल डालो, लेकिन क्या ऐसा संभव है?

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