इंदौर। भारत-पाकिस्तान के बीच तनातनी के कारण आज पूरे देश में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल किया गया था। इस दौरान इंदौर में भी शाम 7.30 बजे 12 मिनट के लिए ब्लैक आउट किया गया। पूरा शहर अंधेरे में डूबा रहा। इसके अलावा शहर की कुछ महत्वपूर्ण इमारतों में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की गई।
मॉक ड्रिल का पहला चरण शासकीय डेंटल कॉलेज से प्रारंभ हुआ। ठीक 4 बजे कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि शासकीय डेंटल कॉलेज में हमला हुआ है और वहां आग लग गई है। बड़ी संख्या में लोग यहां फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही फायर बिग्रेड, जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम का अमला तुरंत मौके पर पहुंचा। यहां तुरंत राहत और बचाव के कार्य प्रारंभ किये गये। विभिन्न उपकरणों और साधनों के माध्यम से हताहत लोगों को बचाया गया, उन्हें सुरक्षित रूप से निकाला गया। दुर्घटना में घायल लोगों को एंबुलेंस के माध्यम से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। अग्निशमन वाहनों ने पानी के माध्यम से आग बुझाई।
रेसीडेंसी कोठी में भी मॉक ड्रिल
मॉक ड्रिल का दूसरा चरण रेसीडेंसी में संपन्न हुआ। यहां सूचना प्राप्त हुई थी कि हमला हो सकता है, लोग यहां बड़ी संख्या में फंसे हुए हैं। इन लोगों को पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन तथा सिविल डिफेंस के दल ने सुरक्षित रूप से रेसीडेंसी में ही बनाए गए बंकर में बसों के माध्यम से पहुंचाया।
मेडिकल कॉलेज होस्टल में भी पहुंचा दल
मॉक ड्रिल का तीसरा चरण मेडिकल कॉलेज के बॉयज होस्टल में प्रभावी रूप से किया गया। यहां हमले में भवन क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही संबंधित विभागों का दल तुरंत पहुंचा। उन्होंने राहत एवं बचाव के कार्य प्रारंभ किये। भवन में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। स्वास्थ्य विभाग के अमले ने मॉक ड्रिल के लिए अस्थाई अस्पताल बनाए थे। साथ ही अनेक घायलों को एमवाय अस्पताल में भी पहुंचा कर उनका इलाज प्रारंभ किया। इसके माध्यम से आपदा के हताहत लोगों के उपचार का भी अभ्यास किया गया।
7.30 बजे सायरन बजते ही अंधेरा
इंदौर में आज शाम 7:30 बजे ब्लैक आउट प्रारंभ हुआ। सायरन बजते ही सभी लाइट बंद हो गई। शहर में चलने वाले वाहन भी जहां थे, वहां लाइट बंद कर साइड में खड़े हो गए। पूरे शहर में 12 मिनट तक पूरी तरह ब्लैक आउट रहा। नागरिकों ने भी अपने घरों, प्रतिष्ठानों आदि की लाइट स्वेच्छा से बंद कर दी और दिए गए निर्देशानुसार सभी खिड़की–दरवाजे बंद कर लाइट को बाहर नहीं आने दिया। चहुंओर अंधेरा ही अंधेरा दिखाई दिया। इस मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षण संस्थान,अन्य महत्वपूर्ण विभागों की सहभागिता रही। ब्लैक आउट के दौरान राजवाड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में हिंदुस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगे।
कलेक्टर ने माना आभार
कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल का सफलतापूर्वक प्रभावी संचालन किया गया । मॉक ड्रिल में जिले के सभी हितधारकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जन–धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके। मॉक ड्रिल में आपदा प्रबंधन की वास्तविक समय में परख की गई। उन्होने मॉक ड्रिल के सफलतापूर्वक संचालन के लिये सभी संबंधितों की सराहना करते हुये आभार व्यक्त किया।




