भागीरथपुरा मामले में दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट, अपने मित्र विजयवर्गीय को बचाते हुए सीएम पर साधा निशाना

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इंदौर। भागीरथपुरा में गंदे पानी से हो रही मौतों के मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। छोटे-छोटे मामलों में इंदौर पहुंच जाने वाले दिग्विजय सिंह इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी भागीरथपुरा नहीं आए, जबकि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार तक यहां आ चुके हैं। कहा तो यही जा रहा है कि दिग्विजय सिंह अपने मित्र नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को बचाने की कोशिश में जुटे हैं।

यह बात आज दिग्विजय सिंह के सोशल मीडिया पोस्ट से भी साबित हो गई है। दिग्विजय सिंह ने फेसबुक पर पोस्ट किया है, उसमें विधानसभा एक यानी जहां यह घटना हुई उसके विधायक और जिस विभाग की जिम्मेदारी है उसके मंत्री यानी नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर कोई सवाल नहीं उठाए गए हैं। दिग्विजय सिंह इसके लिए इंदौर के प्रभारी मंत्री यानी सीएम को जिम्मेदार बता रहे हैं। इतना ही नहीं महापौर को भी घेरने की कोशिश की है, हालांकि दिग्विजय सिंह ने घंटा का जिक्र जरूर किया है।

ये रहा दिग्विजय सिंह का पोस्ट

दिग्विजय सिंह ने लिखा है-इंदौर मेरे बचपन का शहर, मेरे राज्य का सबसे विकसित शहर और देश का सबसे स्वच्छ शहर है। राज्य की आर्थिक राजधानी मे इसकी गिनती होती है और उसी इंदौर शहर में 18 लोग गंदा पानी पीने से मर जाते हैं। आंकड़ा जब तक 2/4 मौत का रहा किसी ने सांस नहीं ली लेकिन मौतों की गिनती बढ़ने लगी तो जिम्मेदारी की टोपी सब दूसरे को पहनाना शुरू कर दिए। मंत्री अफसर को, अफसर मेयर को, मेयर व्यवस्था को और व्यवस्थाघंटा की लड़ाई पर उलझ गई। प्रभारी मुख्यमंत्री जी से कोई सवाल नहीं पूछ रहा कि हर दूसरे दिन शहर में आते हैं और वो महज़ मौत का मुआवजा देकर चुप क्यों हो गए?

हाईकोर्ट के जज से न्यायिक जांच की मांग

दिग्विजय सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा है-कुछ ट्रांसफ़र और मुआवजे से शहर का कलंक नहीं धुलता। मैं इस हादसे की न्यायिक जांच की मांग करता हूं। पब्लिक के सामने सुनवाई हो और हाईकोर्ट के सिटिंग जज से इसकी जांच करायी जाए। मौत के मुआवजे से ज़िन्दगी नहीं लौटती। ग़लतियों पर पर्दा डालने की बजाय ग़लतियों की ज़िम्मेदारी तय हो और उन्हें दण्डित किया जाए। जय सिया राम।

अपने कलाकार मित्र को बचाने की कोशिश

इस पूरे मामले में दिग्विजय सिंह की भूमिका पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि इसके पहले छोटे-छोटे मामलों में भी वे इंदौर आकर मैदान संभालते रहे हैं। इससे पहले जब सीतलामाता बाजार में जिहादी मानसिकता के लोगों को हटाने का मामला गरमाया था, तब दिग्विजय सिंह ने जमकर मोर्चा संभाला था। भाजपा व कांग्रेस में चर्चा यही रही कि दिग्विजय सिंह अपने मित्र कैलाश विजयवर्गीय के कहने पर विधानसभा चार में गए थे। दोनों की जोड़ी जय-वीरू के नाम से ख्यात है। हाल ही में विधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय ने दिग्विजय सिंह की तारीफ में लंबा-चौड़ा भाषण दिया था। कांग्रेस में चर्चा है कि इतने बड़े मामले में जो कांग्रेस को मध्यप्रदेश में ताकत दे सकता है, दिग्विजय सिंह सिर्फ अपने कलाकार मित्र विजयवर्गीय से दोस्ती की वजह से कन्नी काट रहे हैं।

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