इसरो, इन-स्पेस और ट्रस्ट टेक इंडिया का संयुक्त प्रयास: रकबा जंगलीपट्टी से रॉकेट और सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग

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इसरो, इन-स्पेस और ट्रस्ट टेक इंडिया का संयुक्त प्रयास: रकबा जंगलीपट्टी से रॉकेट और सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग

गंडक नदी किनारे ऐतिहासिक लॉन्चिंग
शनिवार शाम उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद स्थित सेवरही क्षेत्र के रकबा जंगलीपट्टी में एपी बांध के पास गंडक नदी के किनारे इसरो, इन-स्पेस और ट्रस्ट टेक इंडिया कंपनी के संयुक्त सहयोग से रॉकेट और सैटेलाइट की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग की गई। इस ऐतिहासिक क्षण पर मौजूद लोगों ने करतल ध्वनि से वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन किया।

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वैज्ञानिकों और छात्रों की भागीदारी
इस लॉन्चिंग कार्यक्रम में इसरो के वैज्ञानिक विनोद कुमार, अभिषेक सिंह, विजया श्री, केके त्रिपाठी, डॉ. बृजेश सोनी, अनंत मधुकर, ट्रस्ट टेक इंडिया के अनंत अग्रवाल, सुभद्र गुप्ता, अद्वैत सधाना सहित एक समर्पित टीम ने भाग लिया। रॉकेट की लॉन्चिंग के बाद 1.126 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचा। इसके बाद वह पैराशूट के जरिए केन-आकार के सैटेलाइट के साथ धीरे-धीरे लॉन्च पैड से 500 मीटर दूर सुरक्षित रूप से उतरा।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति और सराहना
इस अवसर पर देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, एडीएम वैभव मिश्र, सीडीओ गुंजन द्विवेदी, एसडीएम ऋषभ देवराज पुंडीर, सीओ राकेश प्रताप सिंह, एसएचओ धीरेंद्र कुमार राय सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सांसद त्रिपाठी ने वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है और युवाओं के बीच स्पेस टेक्नोलॉजी को लोकप्रिय बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल है।

कैनसैट इंडिया स्टूडेंट कम्पटीशन 2025 की शुरुआत
इस सफल लॉन्चिंग के साथ ही “इन-स्पेस मॉडल रॉकेट्री, कैनसैट इंडिया स्टूडेंट कम्पटीशन 2025” की दो दिवसीय प्रतियोगिता की भी शुरुआत हो गई। इस प्रतियोगिता का आयोजन भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस), इसरो और एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (ASI) द्वारा किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के बीच अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक में रुचि विकसित करना है।

विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए सेटेलाइट्स
इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से हैं, जिन्होंने स्वयं रॉकेट और कैन-आकार के सैटेलाइट डिज़ाइन और तैयार किए हैं। इन मॉडल रॉकेट्स को लगभग 1000 मीटर की ऊंचाई तक प्रक्षेपित किया जाएगा।

ट्रस्ट टेक इंडिया को मिला लॉन्चिंग दायित्व
कई लॉन्चिंग विकल्पों के मूल्यांकन के बाद ट्रस्ट टेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को इस आयोजन के लिए लॉन्चिंग पार्टनर चुना गया है। प्रतियोगिता इसरो, इन-स्पेस और एनएसआईएल (NSIL) के दिशानिर्देशों में आयोजित की जा रही है, जिससे भारत की लॉन्चिंग एजेंसियों की क्षमताओं का परीक्षण और प्रदर्शन भी सुनिश्चित हो सके।

स्थानीय समर्थन और सहभागिता
इस आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिनमें ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बुटाई निषाद, मथुरा सिंह, राजेश सिंह, हेमंत सिंह, शैलेंद्र पांडेय, संजय राय, मोती जायसवाल आदि शामिल रहे।

निष्कर्ष
यह आयोजन न सिर्फ विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में छात्रों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में अंतरिक्ष विज्ञान की संभावनाओं को भी उजागर करता है। इससे नई पीढ़ी को वैज्ञानिक सोच अपनाने और स्पेस टेक्नोलॉजी में भविष्य संवारने का अवसर मिलेगा।

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