श्रीनगर। पीएम मोदी ने आज जम्मू-कश्मीर में चिनाब रेल ब्रिज और महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके बाद अपने संबोधन में उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए पाकिस्तान पर सीधा हमला बोला। पीएम ने कहा कि इस हमले के जरिए पाकिस्तान ने न सिर्फ इंसानियत, बल्कि कश्मीरियत पर भी वार किया है।
पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान की मंशा भारत में अशांति फैलाने की थी। वह देश की टूरिज्म इंडस्ट्री को कमजोर करना चाहता है, ताकि जम्मू–कश्मीर के गरीबों की रोजी–रोटी पर असर पड़े। उन्होंने कहा कि आतंकियों ने आदिल नामक एक स्थानीय व्यक्ति की भी हत्या कर दी, जो अपने परिवार के लिए मेहनत कर रहा था। यह इस बात का प्रमाण है कि आतंकवाद सिर्फ निर्दोषों को निशाना बनाता है। पीएम मोदी ने कहा कि अब जम्मू–कश्मीर के लोग पाकिस्तान की इन साजिशों के खिलाफ एकजुट हो चुके हैं। घाटी के लोगों ने आतंक को करारा जवाब देने का संकल्प लिया है। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार आतंकवाद के हर रूप का निर्णायक जवाब देगी और जम्मू–कश्मीर को विकास और शांति की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
पाकिस्तान को याद रहेगा ऑपरेशन सिंदूर
पीएम मोदी ने कहा कि याद कीजिए, 6 मई की रात क्या हुआ था। अब जब भी पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर का नाम सुनेगा, उसे भारत की ताकत याद आएगी। उसने कभी सोचा भी नहीं था कि भारत उसके घर में घुसकर आतंक के अड्डों को तबाह कर देगा। पीएम ने कहा कि भारत की इस सर्जिकल प्रतिक्रिया से पाकिस्तान बौखला गया और उसने जम्मू क्षेत्र के आम नागरिकों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने देखा कि पाकिस्तान ने किस तरह मंदिरों, मस्जिदों और स्कूलों पर गोलाबारी की।

मोदी ने आर्च ब्रिज पर लहराया तिरंगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जम्मू–कश्मीर के रियासी ज़िले में बने चिनाब ब्रिज का उद्घाटन करने के बाद इस पर तिरंगा लहराया। इसके माध्यम से पीएम मोदी ने पाकिस्तान और पूरी दुनिया को स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि अब जम्मू-कश्मीर पर कोई आंख उठाकर न देखे। पीएम मोदी ने कहा कि हमारा यह ब्रिज भी इंजीनियरिंग का बेहतर नमूना है। ये भारत का पहला केबल–सपोर्टेड रेलवे ब्रिज है। ये दोनों ब्रिज सिर्फ ईट, सीमेंट, स्टील और लोहे के ढांचे नहीं है बल्कि ये पीर पंजाल की दुर्गम पहाड़ियों पर खड़ी भारत की शक्ति का जीवंत प्रतीक है। पीएम मोदी ने कहा कि लोग फ्रांस के पेरिस में एफिल टावर देखने जाते हैं, लेकिन अब यह ब्रिज एफिल टावर से भी ऊंचा है। यह सिर्फ एक रेलवे पुल नहीं, बल्कि कश्मीर का नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन भी बनेगा।


