नई दिल्ली। दिल्ली ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं। कई स्थानों से आतंकी गतिविधियों में लिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी हो रही है। अब सीआईडी इंटेलीजेंस यूनिट ने राजस्थान के श्रीगंगानगर से आईएसआई एजेंट को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार एजेंट राजस्थान, पंजाब व गुजरात से भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं इकट्ठा करके पाकिस्तान स्थित आईएसआई के हैण्डलरों को उपलब्ध करवा रहा था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर उसके मोबाइल फोन की जांच में विदेशी और पाकिस्तानी वाट्सएप नम्बरों से संपर्क होने की बात पता चली है। गिरफ्तार आईएसाई एजेंट की पहचान पंजाब के फिरोजपुर निवासी प्रकाश सिंह उर्फ बादल के रूप में हुई है। जयपुर सीआईडी इंटेलिजेंस के आईजी प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि 27 नवंबर को संदिग्ध प्रकाश सिंह उर्फ बादल को श्रीगंगानगर में सैन्य ठिकाने साधूवाली के आसपास देखे जाने की सूचना मिली। इस पर बॉर्डर इंटेलिजेंस टीम ने संदिग्ध को हिरासत में लेकर उसके मोबाइल फोन की जांच की तो उसके वाट्सएप में पाकिस्तानी वाट्सएप नम्बरों से चैट मिली।
सेना की हर गतिविधि की जानकारी भेजी
खुफिया एजेंसियों द्वारा पूछताछ में पता चला कि ऑपरेशन सिन्दूर के समय से वह लगातार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के सम्पर्क में रहकर उन्हें जानकारी दे रहा था। इसमें भारतीय सेना के वाहनों, सैन्य संस्थानों, सीमावर्ती क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति पुल, सड़क, रेलवे लाइन, नये निर्माण कार्य समेत महत्वपूर्ण जानकारी शामिल थी।
पाकिस्तानी एजेंटों को देता था ओटीपी
जांच में पता चला कि वह पाकिस्तान की मांग पर भारतीय के नाम पर जारी मोबाइल नंबरों के ‘ओटीपी‘ पाकिस्तानी एजेंटों को उपलब्ध करवाता था। उन्होंने बताया कि इन ओटीपी के माध्यम से पाकिस्तानी एजेंट भारतीय नंबरों पर व्हॉट्सऐप सक्रिय कर जासूसी और अन्य अवैध गतिविधियों को अंजाम देते थे। इस काम के बदले उसे मोटी रकम भी मिलती थी। जयपुर में खुफिया एजेंसियों द्वारा पूछताछ और उसके मोबाइल की जांच के बाद मामला दर्ज कर 34 वर्षीय प्रकाश सिंह उर्फ बादल पुत्र कादर सिंह सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया।




