पाकिस्तान सीमा के पास भारत का अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त युद्धाभ्यास ‘त्रिशूल’ शुरू
भारत ने पाकिस्तान सीमा के नजदीक अपना अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास ‘त्रिशूल’ शुरू कर दिया है। यह अभ्यास 10 नवंबर तक चलेगा, जिसमें थलसेना, वायुसेना और नौसेना के 25,000 से अधिक सैनिक भाग ले रहे हैं।
रणनीतिक उद्देश्य और संदेश
राजस्थान और गुजरात के सीमाई इलाकों में हो रहा यह अभ्यास पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट रणनीतिक संदेश माना जा रहा है — कि भारत किसी भी सैन्य चुनौती का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
आधुनिक हथियारों और तकनीक का प्रदर्शन
अभ्यास में शामिल हैं:
- राफेल और सुखोई लड़ाकू विमान
- ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल सिस्टम
- युद्धक टैंक और इन्फैंट्री कॉम्बैट वाहन
- हेलिकॉप्टर और लंबी दूरी के आर्टिलरी सिस्टम
- ड्रोन्स और नौसेना के युद्धपोत
इन सभी संसाधनों का उपयोग कर सेनाएं संयुक्त ऑपरेशन, सीमा पार हमले की क्षमता और मल्टी-डोमेन वॉरफेयर का अभ्यास करेंगी।
आधुनिक युद्ध की तैयारी
‘त्रिशूल’ का उद्देश्य आधुनिक युद्ध के सभी संभावित क्षेत्रों — जल, थल, आकाश, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक डोमेन में भारतीय सेनाओं की तैयारी और समन्वय क्षमता का परीक्षण करना है।
इस दौरान सेनाएं दुश्मन की गतिविधियों की पहचान, रियल-टाइम डेटा विश्लेषण और उन्नत तकनीकों के समन्वित उपयोग का अभ्यास करेंगी। यह अभ्यास भारत की उस रणनीतिक तैयारी का हिस्सा है, जो बदलते वैश्विक परिदृश्य में मल्टी-डोमेन युद्धक्षेत्र में बढ़त बनाए रखने के उद्देश्य से की जा रही है।




