नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले में नेवी अफसर विनय नरवाल को आतंकवादियों ने गोली मार दी थी। उनकी पत्नी हिमांशी नरवाल ने ऑपरेशन सिंदुर की खबर सुनकर भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के लिए मैं भारत सरकार का धन्यवाद करती हूं। मैं सरकार से आग्रह करती हूं कि ये यहीं खत्म नहीं होना चाहिए। यह आतंकवाद के खात्मे की शुरुआत है, ताकि जैसी घटना मेरे साथ हुई, वैसी घटना किसी के साथ नहीं हो।
उन्होंने कहा कि मेरा पति डिफेंस में था और वो जब ज्वाइन किया तो चाहता था कि देश में शांति हो। निर्दोषों की जान नहीं जानी चाहिए। इस देश में नफरत और आतंक न हो। उसका स्प्रिट इस ऑपरेशन में है। आतंकवाद और नफरत सरकार द्वारा बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिए जाने पर कहा कि मैं इस नाम से मैं खुद को रिलेट कर सकती हूं। मैंने एक जिंदगी खो दी है। अभी शायद किसी को नहीं पता कि मेरे साथ क्या हो रहा है। ये नाम बहुत सही है। इस घटना की वजह से बहुत मां ने, औरतों ने अपनी जान खोई है, अपना एक हिस्सा खोया है। मैं उम्मीद करती हूं कि ऐसा ऑपरेशन करने की नौबत आगे कभी नहीं आए, ऐसा कुछ दोबारा किसी और के साथ न हो। सेना की दो महिला अधिकारियों द्वारा प्रेस कान्फ्रेंस लिए जाने पर हिमांशु ने कहा कि महिला ही महिला को ज्यादा रिलेट कर सकती हैं। औरत ही औरत का बदला ले सकती है। ये बहुत अच्छी बात है कि महिला अधिकारी को मौका दिया गया है।


