Air India B787-8 Crash Probe: AAIB की रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे
प्रारंभिक रिपोर्ट में पक्षी टकराने के संकेत नहीं
भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा है कि अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया बी787-8 ड्रीमलाइनर विमान हादसे से पहले इंजन में किसी भी पक्षी के टकराने के संकेत नहीं मिले हैं।

दोनों पायलट स्वस्थ और अनुभवी थे
रिपोर्ट के अनुसार, विमान को उड़ाने वाले दोनों पायलट न केवल पूरी तरह स्वस्थ थे, बल्कि उनके पास उड़ान का पर्याप्त अनुभव भी था। पायलटों के खिलाफ कोई मेडिकल या प्रोफेशनल लापरवाही का मामला नहीं है।
मुख्य कारण: हवा में इंजन बंद होने की स्थिति
AAIB की 15 पन्नों की रिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद दोनों इंजन ने काम करना बंद कर दिया। इसका कारण था – ईंधन की आपूर्ति अचानक बंद हो जाना।
ईंधन की आपूर्ति कैसे हुई बाधित?
विमान के फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर से यह जानकारी सामने आई कि ईंधन नियंत्रण स्विच (Fuel Control Switches) अचानक बंद हो गए। यह स्विच इंजन को ईंधन की आपूर्ति को नियंत्रित करते हैं, और इनके बंद होते ही दोनों इंजन बंद हो गए।
कॉकपिट में सुनी गई चौंकाने वाली बातचीत
वॉयस रिकॉर्डिंग में एक पायलट कहते सुना गया: “तुमने स्विच बंद क्यों किया?”
दूसरा पायलट जवाब देता है: “मैंने बंद नहीं किया।”
यह संवाद ईंधन स्विच के अचानक बंद होने को लेकर रहस्य और बढ़ा देता है।
रैम एयर टर्बाइन (RAT) से बिजली सप्लाई में बाधा
जांच में पता चला कि RAT सिस्टम से बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई थी, जिसके प्रमाण सीसीटीवी फुटेज में मिले हैं।
फ्लाइट से पहले कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं पाई गई थी
विमान का थ्रस्ट, फ्लैप सेटिंग (5 डिग्री), गियर स्थिति, वजन और ईंधन की शुद्धता सभी तय मानकों के अनुरूप थे। ईंधन में किसी प्रकार की मिलावट या मात्रा की कमी नहीं थी। मौसम भी साफ था और हवाएं हल्की थीं।
FAA ने दी थी स्विच की जांच की सलाह, नहीं मानी गई
अमेरिकी विमानन संस्था FAA ने एयर इंडिया को फ्यूल स्विच की जांच की सिफारिश की थी, लेकिन एयर इंडिया ने इस पर कोई कदम नहीं उठाया।
निष्कर्ष: अनुत्तरित हैं कई सवाल
रिपोर्ट के अनुसार, इंजन बंद होने का मुख्य कारण ईंधन आपूर्ति में बाधा था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि फ्यूल कंट्रोल स्विच अचानक कैसे बंद हो गए। ना तो किसी तरह की तोड़फोड़ के संकेत मिले हैं और ना ही कोई बाहरी कारक सामने आया है।
AAIB की यह रिपोर्ट कई सवालों को जन्म देती है और इसके जवाब आने वाले विस्तृत जांच निष्कर्षों पर निर्भर करेंगे।




