संसद के शीतकालीन सत्र से पहले आज हुई सर्वदलीय बैठक, विपक्ष ने उठाया एसआईआर का मामला, इसी मुद्दे पर हंगामे की तैयारी

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नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई जिसमें दोनों सदनों के विधायी कार्यों और विभिन्न विषयों को लेकर चर्चा की गई। संसद भवन में हुई इस बैठक में विपक्ष ने अपने एजेंडे के मुद्दे सरकार के सामने रखे, जिनमें दिल्ली धमाका, मतदाता सूची की विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर), विदेशी नीति संबंधी चिंताएं और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषय प्रमुख रहे। दूसरी तरफ सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं को प्रस्तुत किया और सत्र के सुचारू संचालन में सहयोग की अपील की।

बैठक में सरकार की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभा में सदन के नेता एवं स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए।विपक्ष से कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, कोडिकुनिल सुरेश, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन, समावादी पार्टी के राम गोपाल यादव, द्रमुक के तिरुचित शिवा और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक सर्वदलीय बैठक में एसआईआर का मुद्दा भी हावी रहा है। कांग्रेस ने मुद्दे को उठाया और सरकार से पूछा क्या हो रहा है? फिर समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके ने भी इसे उठाया। जेडीयू के संजय झा ने एसआईआर को लेकर आशंकाओं को खारिज किया है. बिहार चुनाव नतीजों का हवाला देते हुए संजय झा ने कहा कि पिछले सत्र में भी विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर हंगामा और कामकाज बाधित करता रहा पर उनको क्या हासिल हुआ?

छोटे सत्र पर कांग्रेस की आपत्ति

संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा। इस बार सत्र केवल 15 बैठकों का होगा, जो सामान्य तौर पर होने वाले 20 बैठकों के मुकाबले काफी कम है। सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर सत्र को छोटा कर रही है। उन्होंने कहा क कुल 19 दिन के सत्र में केवल 15 दिन चर्चा संभव है। शायद यह अब तक का सबसे छोटा शीतकालीन सत्र होगा। ऐसा लगता है कि सरकार खुद संसद को पटरी से उतारना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह सरकार संसद की परंपराओं को दफनाने में लगी है। इसी वजह से विपक्ष एकजुट है।

सरकार पेश करेगी 14 विधेयक

1. जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025

2. इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) विधेयक, 2025 (IBC)

3. मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025- अध्यादेश बदलने के लिए

4. रीपीलिंग एंड अमेंडिंग बिल, 2025

5. नेशनल हाइवेज (संशोधन) विधेयक, 2025

6. एटॉमिक एनर्जी बिल, 2025

7. कॉरपोरेट लॉज (संशोधन) बिल, 2025

8. सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल (SMC), 2025

9. इंश्योरेंस लॉज (संशोधन) बिल, 2025

10. आर्बिट्रेशन एंड कंसिलिएशन (संशोधन) बिल, 2025

11. हायर एजुकेशन कमिशन ऑफ इंडिया बिल, 2025

12. सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) बिल, 2025

13. हेल्थ सिक्योरिटी सेस/नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025

14. वर्ष 2025-26 के लिए प्रथम पूरक अनुदान मांगें (फाइनेंशियल बिजनेस)

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