ऑपरेशन ‘ऑल आउट’: बीजापुर-तेलंगाना बॉर्डर पर घिरे नक्सली, माओवादियों ने मांगी शांति वार्ता की राह
छत्तीसगढ़ के बीजापुर और तेलंगाना बॉर्डर पर स्थित करेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में सीआरपीएफ के नेतृत्व में चल रहे ऑपरेशन ‘ऑल आउट’ के चौथे दिन बड़ी सफलता के संकेत मिलने लगे हैं। चारों ओर से घिरे नक्सली अब बैकफुट पर हैं और उन्होंने सरकार से सैन्य अभियान रोकने की अपील की है।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के उत्तर पश्चिम सब जोनल ब्यूरो प्रभारी रूपेश ने शुक्रवार को एक पत्र जारी कर सरकार से शांति वार्ता के जरिए समाधान निकालने की मांग की। पत्र में कहा गया है कि बीजापुर-तेलंगाना सीमा पर चल रहा सैन्य अभियान तुरंत रोका जाए और सभी बलों को वापस बुलाया जाए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी शांति वार्ता के लिए हमेशा तैयार रही है और विश्वास बहाली के प्रयास जारी हैं, लेकिन सरकार दमन और हिंसा से समाधान ढूंढने की कोशिश कर रही है।
ऑपरेशन की मुख्य बातें:
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ऑपरेशन में शामिल हैं:
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सीआरपीएफ की जीडी बटालियन
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कोबरा कमांडो
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छत्तीसगढ़ पुलिस की डीआरजी और एसटीएफ
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तेलंगाना पुलिस
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अभियान में इस्तेमाल हो रहे हैं:
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ड्रोन, हेलीकॉप्टर, मोर्टार
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तकनीकी उपकरणों से लोकेशन ट्रैकिंग
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10 किलोमीटर के इलाके में फुल ट्रैप सेटअप
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अब तक की उपलब्धि:
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आधा दर्जन से ज्यादा नक्सली मारे गए (अभी आधिकारिक पुष्टि बाकी)
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करीब 300 नक्सली घेरे में
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टॉप नक्सली लीडर्स – हिड़मा, देवा, सुधाकर – ट्रैप में होने की संभावना
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