नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस में भाग लेते हुए, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जोरदार पलटवार किया। किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से पूछा कि क्या वे लोकसभा प्रोटोकॉल से ऊपर हैं?
मंत्री रिजिजू ने कहा कि इस सदन में सभी सदस्य समान हैं और सदन में बोलने के लिए हर किसी को अध्यक्ष की अनुमति की आवश्यकता होती है। उन्होंने आगे कहा कि मंत्री होने मात्र से उनके लिए माइक्रोफोन अपने आप चालू नहीं हो जाता। रिजिजू ने राहुल गांधी पर संसदीय प्रक्रियाओं का पालन न करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया – क्या राहुल गांधी लोकसभा के प्रोटोकॉल से ऊपर हैं?
👉 यह भी पढ़ें:
- Instagram पर ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ की एंट्री! 24 घंटे में 1.7 लाख फॉलोअर्स, नाम को लेकर मचा सियासी घमासान
- Parliament News: संसद में फिर गरमाया माहौल, अमित शाह को लेकर BJP-कांग्रेस आमने-सामने; विपक्ष के आरोपों पर बढ़ी सियासी हलचल
- Delimitation Bill पर किरेन रिजिजू और राहुल गांधी की मुलाकात, नहीं निकला हल, अड़ गए हैं नेता प्रतिपक्ष
- Lok Sabha : राहुल गांधी के बयानों पर भाजपा हमलावर, अनुराग ठाकुर ने स्पीकर को दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस
- Lok Sabha में लोक परीक्षा संशोधन बिल पास, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी को दिया जवाब
- Rahul Gandhi : लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा-अमित शाह के आदेश पर चले पैलेट गन, भाजपा सांसदों ने मचाया हंगामा
किरेन रिजिजू ने कहा कि गौरव गोगोई ने ओम बिरला के खिलाफ टिप्पणी की थी,इसमें गोगोई की कोई गलती नहीं है क्योंकि सांसद बनने के बाद से कांग्रेस पार्टी सत्ता में नहीं रही है और इसलिए उन्हें संसदीय कार्य मंत्रालय के कामकाज की जानकारी नहीं होगी। किरेन रिजिजू ने कहा कि कोई भी बिरला के स्पीकर कार्यकाल के दौरान हुए सुधारों की मात्रा से इनकार नहीं कर सकता। शून्यकाल के दौरान उठाए गए मामलों की संख्या ओम बिरला के कार्यकाल में सबसे अधिक है। उन्होंने आगे कहा कि नियम 377 के तहत उठाए गए मामलों, जनहित के मामलों और विशेष उल्लेखों की संख्या भी ओम बिरला के कार्यकाल में ही सबसे अधिक हुई है।



