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मायावती का ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ पर समर्थन
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित वन नेशन-वन इलेक्शन विधेयक का स्वागत किया है। उन्होंने इसे एक सकारात्मक कदम बताया और कहा कि एक साथ चुनाव कराने से उनकी पार्टी पर वित्तीय बोझ कम होगा। साथ ही, इससे बार-बार चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण जनहित के कार्यों में रुकावटें भी कम होंगी।
राजनीति से ऊपर उठकर जनहित पर जोर
मायावती ने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति करना सही नहीं है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देश और जनहित में कार्य करने की अपील की।
संसद में संकीर्ण राजनीति पर आलोचना
मायावती ने संविधान पर संसद में हुई विशेष चर्चा में कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि हम से ज्यादा तुम दोषी जैसी राजनीति केवल स्वार्थ और संकीर्ण सोच को दर्शाती है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर को सम्मान देने में विफलता
मायावती ने आरोप लगाया कि संविधान और उसके रचयिता डॉ. भीमराव अंबेडकर को सम्मान देने के मामले में सत्तारूढ़ पार्टियों की जातिवादी और संकीर्ण सोच ने इसे कमजोर किया है। उन्होंने इसे देश के लिए दुखद और लोगों के भविष्य के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
जनहित के कार्यों पर जोर
मायावती ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से देश के संसाधनों का दुरुपयोग होता है और इससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने इस संदर्भ में वन नेशन-वन इलेक्शन की जरूरत पर बल दिया, ताकि जनहित के कार्यों में तेजी लाई जा सके।
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