तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का पीएम मोदी पर निशाना: श्रीलंका से मछुआरों के मुद्दे पर स्थायी समाधान की मांग
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने श्रीलंका द्वारा भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की है। सीएम स्टालिन ने कहा कि राज्य सरकार ने 2 अप्रैल को एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तमिलनाडु के मछुआरों की गिरफ्तारी को रोकने के लिए स्थायी समाधान की मांग की गई थी।
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उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री को तुरंत भेजा गया था, जिसमें तीन प्रमुख मांगें रखी गई थीं:
- कच्चातीवु द्वीप को फिर से भारत में शामिल करना,
- श्रीलंकाई जेलों में बंद मछुआरों की रिहाई,
- श्रीलंकाई नौसेना द्वारा जब्त की गई नौकाओं की वापसी।
सीएम स्टालिन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार के इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव की उपेक्षा की है। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद थी कि 97 मछुआरे और उनकी नावें जल्द ही अपने वतन लौट आएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जो अत्यंत निराशाजनक है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका का दौरा करें, तो उन्हें इस मुद्दे को श्रीलंका सरकार के समक्ष उठाना चाहिए था। उन्होंने विश्वास दिलाया कि डीएमके सरकार अपने मछुआरों की आजीविका की रक्षा करने में किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगी।
इस बीच, श्रीलंका ने रविवार को विशेष पहल के तहत 14 भारतीय मछुआरों को रिहा किया। यह रिहाई उस वक्त की गई जब प्रधानमंत्री मोदी ने मछुआरों के मुद्दे को मानवीय दृष्टिकोण से सुलझाने की बात कही थी। श्रीलंकाई राष्ट्रपति दिसानायके ने भी पीएम मोदी के साथ बैठक में सहमति जताई थी कि इस समस्या को संवेदनशीलता के साथ हल किया जाना चाहिए।



