0:00
0:00 left
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अब वीआईपी सुरक्षा में लगे एनसजी कमांडो को हटाने का फैसला लिया है। फिलहाल यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सहित 9 अति महत्वपूर्ण लोगों की सुरक्षा में एनएसजी के कमांडो तैनात हैं। नवंबर से अब इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ को दी जा रही है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के ब्लैक कैट कमांडो जेड प्लस कैटेगरी के नौ वीआईपी लोगों की सुरक्षा में तैनात हैं। इनमें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा अध्यक्ष मायावती, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, भाजपा नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू शामिल हैं। इन सभी नेताओं को अब सीआरपीएफ का सुरक्षा घेरा प्रदान किया जाएगा। सीआरपीएफ में छह वीआईपी सुरक्षा बटालियन हैं, एक बटालियन को शामिल करने को कहा गया है। इसमें उस बटालियन को शामिल किया जा रहा है, जो संसद की सुरक्षा में लगी थी। इन नौ वीआईपी में से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को उन्नत सुरक्षा संपर्क (एएसएल) प्रोटोकॉल भी प्रदान किया जाएगा। फिलहाल सीआरपीएफ देश में पांच वीआईपी के लिए इस तरह का प्रोटोकॉल अपनाता है, जिनमें गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गांधी परिवार के तीन सदस्य सामिल हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- भारत पर कमजोर मानसून का बड़ा संकट! 2009 के बाद सबसे कम बारिश का खतरा, फसलों और महंगाई पर असर संभव
- UPI के 10 साल पूरे: ₹314 लाख करोड़ के लेनदेन तक पहुंचा भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम
- सेमीफाइनल का सपना टूटा! ऑस्ट्रेलिया से 0-0 ड्रॉ के बाद महिला हॉकी वर्ल्ड कप से बाहर हुआ भारत
- मनुस्मृति पर राहुल गांधी के बयान से सियासत गरम, निशिकांत दुबे का पलटवार
- स्वतंत्रता दिवस पर हॉकी टीम ने दिया जीत का तोहफा, वेल्स को 3-1 से हराया
- स्वतंत्रता दिवस विशेष : आजादी के लिए आवश्यक हैं जन आंदोलन



