इंदौर। राज्य शासन के निर्देशानुसार इंदौर जिले में भी स्कूल चलें हम अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत आज सभी स्कूलों में भविष्य से भेंट कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्कूलों में कलेक्टर आशीष सिंह सहित सभी अपर कलेक्टर, एसडीएम और विभिन्न विभागों के अधिकारी स्कूलों में पहुंचे। कलेक्टर आशीष सिंह इंदौर के मूसाखेड़ी स्थित सांदीपनी विद्यालय पहुंचे। यहाँ वे सहज भाव से बच्चों के बीच बैठे, उनसे रूबरू होते हुए अपने बचपन को याद किया। कहानी सुनाई और अपने अनुभव साझा किए।
कलेक्टर ने कहा-सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूल से कम नहीं
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कलेक्टर सिंह ने बच्चों से कहा कि अब सीएम राइज स्कूल का नाम सांदीपनी विद्यालय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया है। यह हमारे ऋषि मुनियों की परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है। शासकीय विद्यालयों की दशा और दिशा भी तेजी से बदल रही है। सकारात्मक बदलाव आ रहा है। सरकारी स्कूलों के प्रति पालकों का विश्वास बढ़ रहा है। इस वर्ष 40 से अधिक बच्चों ने प्राइवेट स्कूल छोड़कर इस सरकारी स्कूल में प्रवेश लिया है। यह अच्छी शुरूआत है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है।
कोई प्रधानमंत्री, तो कोई डॉक्टर बनना चाहता है
कलेक्टर सिंह बच्चों के बीच कक्षा में पहुंचे। बच्चों से उनके रूचि के विषय और लक्ष्य के बारे में पूछा। बच्चों से उन्होंने कहा कि वे अपने बचपन को खोने नहीं दें। मोबाइल का उपयोग नहीं करें। अनुशासन में रहें। पढ़ाई के साथ खेल भी खेंले। खेल भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बच्चों से उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय करें, खूब मन लगाकर पढ़े, मेहनत करें, आगे बढें और अपने लक्ष्य को प्राप्त करें। मेहनत ही सफलता की कुंजी है। मेहनत करेंगे तो कोई भी लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा। बच्चों को उन्होंने ऋषि कश्यप और एक देत्य की प्रेरणादायी कहानी भी सुनाई। बच्चों ने अपने लक्ष्य के बारे में बताया, किसी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री, किसी ने ड



