दिवाली से पहले मध्यप्रदेश के 5 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का स्तर हाई दर्ज किया गया है। खासकर ग्वालियर में हवा की गुणवत्ता सबसे खराब स्थिति में पहुंच गई है। इस दौरान ग्वालियर राज्य का सबसे प्रदूषित शहर बना, जहां AQI 408 से 410 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया।
ग्वालियर में वायु प्रदूषण का गंभीर स्तर
मध्यप्रदेश में दिवाली के अवसर पर ग्वालियर में वायु प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक बढ़ा है। ग्वालियर के महाराज बाड़ा, डीडी नगर और सिटी सेंटर जैसे व्यस्त क्षेत्रों में हवा में सूक्ष्म कणों की मात्रा अत्यधिक बढ़ी है। AQI 400 से ऊपर पहुंचने के कारण यहां की हवा को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। यह स्तर सांस संबंधी बीमारियों के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।

मध्यप्रदेश के अन्य शहरों में भी वायु गुणवत्ता खराब
ग्वालियर के अलावा इंदौर में AQI 399 से 404, रतलाम में 370, भोपाल में 300 से 335 और जबलपुर में 250 से 350 के बीच दर्ज किया गया। ये सभी शहर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में शामिल हैं, जो सामान्य जनजीवन और स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। दिवाली से पहले आतिशबाजी और मौसम में बदलाव से प्रदूषण में यह तीव्र वृद्धि हुई है।
प्रदूषण का मुख्य कारण PM 2.5 और PM 10 कण
मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, वायु गुणवत्ता में गिरावट का मुख्य कारण PM 2.5 और PM 10 नामक सूक्ष्म कण हैं। ये कण सांस में जाकर फेफड़ों को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं। दिवाली की रात आतिशबाजी के दौरान इन कणों की मात्रा लगभग दोगुनी हो जाती है, जिससे प्रदूषण का स्तर और बढ़ जाता है।

एक रात में प्रदूषण में 1.5 से 2 गुना वृद्धि
विशेषज्ञों के अनुसार दिवाली की रात बड़े पैमाने पर आतिशबाजी से कई शहरों में प्रदूषण का स्तर 1.5 से 2 गुना तक बढ़ गया। दिवाली से पहले यह स्तर संतोषजनक (100 से नीचे) था, लेकिन आतिशबाजी के कारण हवा जहरीली हो गई। इससे सांस की समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उपाय और दिशा-निर्देश
मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पटाखों के जहरीले कचरे को पीथमपुर स्थित ट्रीटमेंट फैसिलिटी (TSDF) भेजने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही, मुख्य सड़कों पर स्मॉग गन और फॉगर मशीनों से पानी का छिड़काव कर प्रदूषण को कम करने की कोशिश की जा रही है। ये कदम वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
आम जनता पर वायु प्रदूषण का असर
वायु प्रदूषण के इस स्तर से सामान्य लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। विशेषत: बुजुर्ग, बच्चे और श्वास रोग से पीड़ित लोग अधिक प्रभावित होते हैं। इसलिए दिवाली के त्योहार में सावधानी और प्रदूषण नियंत्रण आवश्यक है।



