एशियाई पैरा खेलों 2026 में शीतल देवी ने महिलाओं की व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। इस जीत ने “शीतल देवी की वापसी” की कहानी को और निखारा।
शीतल देवी ने 4 पॉइंट की बढ़त के बाद भी गोल्ड जीता
शीतल देवी ने फाइनल मुकाबले में सिंगापुर की नूर स्याहिदा अलीम के खिलाफ शुरुआत में 4 पॉइंट (59-55) पीछे रहने के बाद कमाल की वापसी की। उन्होंने लगातार 6 परफेक्ट 10 अंक लगाकर मुकाबला 142-139 के स्कोर से अपने नाम किया। यह जीत उनकी तकनीक और मानसिक दृढ़ता का प्रमाण है।
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एशियाई पैरा खेलों में शीतल देवी की लगातार सफलता
शीतल देवी ने 2023 हांगझोउ पैरा खेलों में भी नूर स्याहिदा अलीम को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। इस प्रकार उन्होंने अपनी व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा में लगातार दो बार स्वर्ण पदक की रक्षा की है। यह उनकी खेल क्षमता और अनुभव को दर्शाता है।
दोपहर में दो स्वर्ण पदक जीतकर बनाया इतिहास
फाइनल मुकाबले से लगभग दो घंटे पहले, शीतल देवी ने तोमन कुमार के साथ मिलकर कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में इंडोनेशिया को 151-148 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस तरह एक ही दिन में दो स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने भारतीय पैरा तीरंदाजी में नया अध्याय लिखा।

शीतल देवी ने कुल तीन पदक हासिल किए
एशियाई पैरा खेलों 2026 में शीतल देवी ने कुल तीन पदक जीते। व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण के अलावा, उन्होंने पायल नाग के साथ मिलकर महिला कंपाउंड डबल्स में रजत पदक भी हासिल किया। उनकी बहुआयामी प्रतिभा खेल जगत में सराहनीय है।
शीतल देवी की जीत से आम जनता को प्रेरणा
शीतल देवी की यह सफलता न केवल खेल के क्षेत्र में बल्कि आम जनता के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनकी मेहनत और आत्मविश्वास यह संदेश देते हैं कि कठिनाइयों के बावजूद लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं।
आगे की संभावनाएं और भारत की उम्मीदें
शीतल देवी की इस जीत से भारतीय पैरा खेलों को मजबूती मिली है। आने वाले वर्षों में उनकी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। साथ ही, युवा खिलाड़ियों के लिए यह एक बड़ी प्रेरणा होगी कि वे निरंतर अभ्यास और समर्पण से सफलता पा सकते हैं। भारत की पैरालंपिक टीम की संभावनाएं और मजबूत होंगी।



