मेघालय विधानसभा में भाजपा की ताकत हुई दोगुनी, 8 UDP विधायकों का दलबदल मंजूर हो चुका है। यह राजनीतिक बदलाव राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में नया मोड़ लेकर आया है। विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए. संगमा ने यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के आठ विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी है।
UDP के आठ विधायकों का भाजपा में विलय
23 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आठ UDP विधायक भाजपा में शामिल हुए थे। इनमें लहकमन रिंबुई, पियस मारवीन, किर्मेन शायला, मायरेलबार्न सिएम, मैथ्यू कुर्बाह, ओलान सिंह सुइन, बालाजिएड कुफर सिनरेम और सिनशर कुफर रॉय प्रमुख नाम हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा की मौजूदगी में यह सदस्यता ग्रहण समारोह संपन्न हुआ था।
👉 यह भी पढ़ें:
- लालकृष्ण आडवाणी दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती, सीने में संक्रमण की शिकायत
- BJP विधायक ने युवक से पूछा ‘मैं गधा हूं क्या?’, युवक ने दिया ऐसा जवाब, VIDEO वायरल
- अमित शाह का राहुल गांधी पर निशाना, कहा- चुनावों में कांग्रेस लगातार हार रही है
- पीएम मोदी ने आडवाणी से लिया आशीर्वाद, उनके योगदान को बताया अहम
- मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर किया तीखा हमला
- BJP की राज्यसभा लिस्ट पर UP में बगावत की आहट, पूर्व केंद्रीय मंत्री पार्टी छोड़ने का संकेत

मेघालय विधानसभा में भाजपा की बढ़ी स्थिति
UDP के आठ विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद मेघालय विधानसभा में भाजपा की संख्या 2 से बढ़कर 10 हो गई है। यह विधानसभा कुल 60 सदस्यों की है। इससे भाजपा ने विधानसभा में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत कर ली है। भाजपा अब सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।
UDP के घटे विधायक संख्या के राजनीतिक असर
उधर, UDP के विधायक संख्या में भारी गिरावट आई है। इस दलबदल के बाद UDP के विधायकों की संख्या 12 से घटकर मात्र 4 रह गई है। यह पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, UDP की भूमिका विधानसभा में कमजोर होगी और उसकी राजनीतिक ताकत घटेगी।

आम जनता पर राजनीतिक बदलाव का प्रभाव
मेघालय में भाजपा की बढ़ी हुई ताकत से नीति निर्धारण और विकास परियोजनाओं में बदलाव की संभावनाएं बढ़ेंगी। भाजपा की मजबूत स्थिति से राज्य में केंद्र की योजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन में भी भाजपा का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे आम जनता को नई योजनाओं का लाभ मिल सकता है।
आगे की राजनीतिक संभावनाएं और चुनौतियां
भाजपा की बढ़ी हुई संख्या विधानसभा में उसे नई जिम्मेदारियां देती है। विपक्षी दलों के लिए यह चुनौती है कि वे अपनी स्थिति मजबूत करें। वहीं, भाजपा को भी अपनी बढ़ी ताकत का सदुपयोग कर सामाजिक-आर्थिक विकास योजनाओं पर फोकस करना होगा। आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों में और बदलाव हो सकते हैं।
भाजपा के लिए मेघालय में नई राजनीतिक रणनीति
भाजपा मेघालय में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए रणनीतिक कदम उठा रही है। UDP के विधायकों के शामिल होने से पार्टी को स्थानीय मुद्दों पर बेहतर पकड़ मिली है। भाजपा की कोशिश है कि वह राज्य में स्थिर सरकार बनाए रखे और विकास कार्यों को आगे बढ़ाए। यह बदलाव पार्टी के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।



