भारत निर्वाचन आयोग ने 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची अपडेट की तैयारी शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया में मतदाता सूची का विशेष सारांश पुनरीक्षण (SSR) शामिल है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य नए 18 वर्ष के युवा मतदाताओं को वोटर लिस्ट में शामिल करना और सूची को त्रुटिमुक्त बनाना है।
मतदाता सूची अपडेट में शामिल राज्यों की सूची
मतदाता सूची अपडेट की इस प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, गोवा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, गुजरात, केरल, असम, छत्तीसगढ़, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।
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इनमें से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा जैसे राज्य आगामी विधानसभा चुनाव वाले हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त हो रहा है, इसलिए यहां विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
SSR के तहत पात्रता तिथि और कानूनी प्रावधान
मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए पात्रता तिथि 1 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है। इसका मतलब यह है कि इस तिथि तक 18 वर्ष के हुए सभी युवा मतदाता अपनी नामांकन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
यह संशोधन ‘लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950’ की धारा 21 के अंतर्गत किया जाएगा। इससे मतदाता सूची को कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त होगी और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
SSR शेड्यूल के बाद में जारी होने के कारण
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों या केंद्रशासित प्रदेशों में हाल ही में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पूरा हुआ है या जारी है, वहां SSR का शेड्यूल बाद में जारी किया जाएगा।
इसका कारण है कि SSR प्रक्रिया की योजना और क्रियान्वयन में पारदर्शिता और कुशलता सुनिश्चित की जा सके। इस तरह से काम की गुणवत्ता बनी रहेगी और मतदाता सूची अपडेट सटीक होगी।

मतदाता सूची अपडेट का आम जनता पर प्रभाव
इस मतदाता सूची अपडेट से आम जनता खासकर युवा मतदाताओं को लाभ मिलेगा। नए वोटर अपनी पहचान और मतदान का अधिकार सुनिश्चित कर सकेंगे।
इसके अलावा, मतदाता सूची में मौजूद गलतियों का सुधार होने से चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी कम होगी और लोकतंत्र मजबूत होगा।
मतदाता सूची अपडेट की प्रक्रिया कैसे होगी
विशेष सारांश पुनरीक्षण के तहत मतदाताओं को नामांकन के लिए आवेदन करना होगा। साथ ही, पुरानी वोटर लिस्ट की जांच कर गलत या डुप्लीकेट प्रविष्टियां हटाई जाएंगी।
निर्वाचन अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन अभियान भी चलाया जाएगा ताकि सूची सटीक और विश्वसनीय बनी रहे।
SSR के बाद अंतिम सूची
SSR प्रक्रिया पूरी होने के बाद, मतदाता सूची का अंतिम संस्करण तैयार किया जाएगा। यह सूची आगामी चुनावों में उपयोग की जाएगी।
इससे चुनाव आयोग को चुनाव संचालन में आसानी होगी और मतदाताओं को भी विश्वास मिलेगा कि उनकी वोटर आईडी सही है। आगामी विधानसभा चुनावों के लिए यह तैयारी महत्वपूर्ण है।



