मध्यप्रदेश कैबिनेट ने दिवाली से पहले कई बड़े फैसले लिए हैं। इस बैठक में “मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले” पर गहन चर्चा और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 12 और 15 अक्टूबर 2026 को भोपाल में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े अहम प्रस्ताव मंजूर किए गए।
प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन का अभिनंदन संकल्प
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और सुशासन के कार्यकाल को लेकर मध्यप्रदेश की 8.5 करोड़ जनता की ओर से आभार प्रस्ताव पारित किया। यह संकल्प राज्य के शासकीय अधिकारियों और जनता में एकता और सम्मान की भावना को दर्शाता है। इस निर्णय से प्रदेश में सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी।
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विकसित मध्यप्रदेश 2047 का संकल्प
इस बैठक में वर्ष 2047 तक “विकसित मध्यप्रदेश” बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इस योजना में आधारभूत संरचना की मजबूती और कल्याणकारी प्राथमिकताओं को प्रमुखता दी गई है। सरकार ने जल, ऊर्जा, परिवहन और सामाजिक क्षेत्रों में सुधार के लिए योजनाएं तैयार की हैं। यह संकल्प प्रदेश के दीर्घकालीन विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
विभागीय पदोन्नति समिति की बैठकें तेज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठकें जल्द से जल्द आयोजित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य योग्य कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को तेजी देना है। इससे सरकारी सेवाओं में कार्यरत कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा।
बड़ी विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा
कैबिनेट ने केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ने वाली परियोजनाओं के साथ भोपाल-इंदौर मेट्रो रेल परियोजना (रु. 23,000 करोड़) की प्रगति की समीक्षा की। इन परियोजनाओं से प्रदेश के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। भविष्य में यह क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।
औद्योगिक विकास और निवेश पर चर्चा
राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 25 औद्योगिक नीतियों का समर्थन किया गया। लगभग 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से 10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं निष्पादन में हैं। यह निवेश प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगा और नई नौकरियों का सृजन करेगा, जिससे आम जनता के जीवन स्तर में सुधार होगा।
ऊर्जा क्षेत्र में गांधी सागर पंप्ड स्टोरेज परियोजना की प्रतिबद्धता
नीमच और मंदसौर क्षेत्र में 2,000 मेगावाट की गांधी सागर पंप्ड स्टोरेज एवं जलविद्युत परियोजना की इकाइयों को समयबद्ध चालू करने का निर्णय लिया गया। इससे बिजली उत्पादन में वृद्धि होगी और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी। यह परियोजना प्रदेश के पर्यावरण लक्ष्यों के अनुरूप भी है और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।
दिवाली के अवसर पर लिए गए ये निर्णय मध्यप्रदेश की समृद्धि और विकास की दिशा में सकारात्मक संकेत हैं। सरकार के इन कदमों से प्रदेश की जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और आर्थिक स्थिरता को बल मिलेगा।



