पंजाब में नशे का विरोध करने पर समाजसेवी परविंदर झोटा की गोली मारकर हत्या की घटना ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है। यह घटना 13 अक्टूबर 2026 की सुबह मानसा जिले के एक मेडिकल स्टोर पर हुई।
परविंदर झोटा की नशे के खिलाफ सामाजिक लड़ाई
परविंदर झोटा, जो मानसा में ‘एंटी ड्रग टास्क फोर्स’ नामक संगठन चलाते थे, नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे थे। वे मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री को रोकने के लिए सक्रिय थे। उनकी इस लड़ाई के चलते स्थानीय लोगों में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ी थी।
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इसलिए उनकी हत्या नशे के खिलाफ चलाए जा रहे संघर्ष के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

गोलीबारी की घटना और आरोपी की पहचान
13 अक्टूबर की सुबह परविंदर झोटा अपने साथियों के साथ मानसा जिले के एक मेडिकल स्टोर पर नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं की अवैध बिक्री को लेकर दुकानदार से विवाद कर रहे थे। इसी दौरान मेडिकल स्टोर के मालिक अश्विनी कुमार ने उन पर गोली चला दी।
घटना के समय परविंदर झोटा का फेसबुक पेज पर लगभग 5.48 मिनट का लाइव वीडियो रिकॉर्ड हुआ, जिसमें वारदात के बाद गोलियों की आवाजें साफ सुनाई देती हैं।
घायल होने के बाद अस्पताल में हुई मौत
मानसा सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. गुरमेल सिंह ने बताया कि परविंदर झोटा को करीब तीन गोलियां लगीं। एक गोली उनके लिवर को चीरते हुए निकली, जिससे इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
इस गोलीबारी में उनके साथियों को भी चोटें आई हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस की जांच और आरोपी की तलाश
मानसा पुलिस एसएसपी वैभव चौधरी के नेतृत्व में मामले की जांच कर रही है। आरोपी अश्विनी कुमार घटना के बाद से फरार है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस ने घटना स्थल से सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं।
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले समाजसेवी पर हमले का प्रभाव
पंजाब में नशे के खिलाफ संघर्ष लंबे समय से जारी है। परविंदर झोटा जैसे समाजसेवी इस लड़ाई में अहम भूमिका निभा रहे थे। उनकी हत्या से नशे के खिलाफ आवाज कमजोर होने का खतरा है।
इसके अलावा, यह घटना आम जनता में चिंता और भय फैलाने वाली है। नशे के खिलाफ काम करने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक हो गया है।
आगे की संभावित कार्रवाई और प्रशासन की प्रतिक्रिया
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस हत्या की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। जल्द ही सभी जिलों के SSP और DC के साथ चर्चा कर नशे के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत किया जाएगा।
इसके साथ ही ऐसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए कानून व्यवस्था को सख्त करने की योजना पर काम हो रहा है।



