शेयर बाजार में सेंसेक्स 1100 अंक गिरा की बड़ी खबर 8 अक्टूबर 2026 को आई, जब भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। इस दिन सेंसेक्स में लगभग 1,100 अंकों की कमी आई, जिससे निवेशकों के करीब लाख करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान की खबर सामने आई।
8 अक्टूबर को सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
8 अक्टूबर 2026 को बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। सेंसेक्स कारोबार के दौरान 1,100 से अधिक अंक टूटकर 71,406.79 के निचले स्तर पर पहुंच गया। अंत में, सेंसेक्स 1,045.46 अंक यानी 1.44% गिरकर 71,593.24 पर बंद हुआ। इसी तरह, निफ्टी 50 में 371.25 अंक की गिरावट आई, जो 1.64% की गिरावट दर्शाता है, और यह 22,231.80 के स्तर पर बंद हुआ।
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निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये डूबने के कारण
इस गिरावट के कारण BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग ₹4,70,98,931 करोड़ से घटकर ₹4,60,97,839 करोड़ हो गया। इसका मतलब यह हुआ कि कुछ ही घंटों में निवेशकों के लगभग ₹10 लाख करोड़ डूब गए। यह नुकसान बाजार की अस्थिरता और निवेशकों की चिंता को दर्शाता है।
भारतीय रिजर्व बैंक की सख्त मौद्रिक नीति का प्रभाव
इस गिरावट की मुख्य वजह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का रेपो रेट में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी और पॉलिसी रुख को ‘न्यूट्रल’ से ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ में बदलना है। इस कदम से ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका बढ़ गई। निवेशकों ने इसे नकारात्मक संकेत के रूप में लिया, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ी।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक दबाव
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने बाजार को और कमजोर किया। 7 अक्टूबर को FIIs ने ₹6,121.37 करोड़ के शेयर बेचे। इसके अलावा, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी (जो $104 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई) ने भी बाजार पर दबाव डाला। अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 5.36% तक पहुंचना वैश्विक बाजारों में कमजोरी का संकेत है।
रुपये की स्थिति और बाजार की अस्थिरता
डॉलर के मुकाबले रुपया दबाव में रहा और 96.78 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ। इस बीच, भारत का वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) 10.22% बढ़कर 15.31 हो गया, जो बाजार में घबराहट और अस्थिरता को दर्शाता है। यह निवेशकों के बीच अनिश्चितता की भावना को उजागर करता है।
प्रमुख शेयरों में गिरावट और आगे का हाल
सेंसेक्स और निफ्टी के कई प्रमुख शेयरों में गिरावट आई। अडाणी एंटरप्राइजेज, जेएसडब्ल्यू स्टील, आईटीसी, अडाणी पोर्ट्स और इंडिगो जैसे शेयर 2% से 4% तक टूटे। बाजार की यह अस्थिरता निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि RBI की नीतियों और वैश्विक परिस्थितियों पर नजर बनी रहेगी।



