पटना से लखनऊ आ रही इंडिगो फ्लाइट पर गिरी आकाशीय बिजली के कारण विमान का नोज क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना के बाद विमान को लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे की उड़ान स्थगित कर दी गई।
इंडिगो फ्लाइट पर आकाशीय बिजली गिरने की घटना
पटना से लखनऊ के लिए उड़ान भर रही इंडिगो की फ्लाइट (6ई-925) के नोज पर बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। पायलट ने बताया कि विमान लगभग 17 हजार फीट की ऊंचाई पर बादलों के बीच उड़ रहा था, जब अचानक बिजली गिरने का अनुभव हुआ। लखनऊ हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग के बाद विमान की जांच में नोज डैमेज पाया गया।
इंडिगो ने तुरंत डीजीसीए को सूचित किया और विमान को ग्राउंड कर दिया। फ्लाइट में लगभग 170 यात्री सवार थे, जो लखनऊ पहुंचने के बाद अहमदाबाद के लिए उड़ान भरने वाले थे।

विमान की जांच और सुरक्षा उपाय
लखनऊ में तकनीकी टीम ने विमान के नोज के साथ-साथ अन्य हिस्सों की भी जांच की। सुरक्षा के लिहाज से विमान को तत्काल आगे की उड़ान के लिए मंजूरी नहीं दी गई। विशेषज्ञों के अनुसार, गरज-चमक वाले बादलों में ओले भी होते हैं जो विमान के नोज को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
बर्ड हिट की संभावना को भी जांचा जा रहा है, हालांकि विशेषज्ञ बिजली गिरने की आशंका को न्यूनतम मान रहे हैं। पायलट की रिपोर्ट को डीजीसीए समीक्षा के लिए रखी गई है।
यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइन की प्रतिक्रिया
इंडिगो एयरलाइंस ने यात्रियों को फ्लाइट निरस्त होने की सूचना देते हुए रिफंड या दूसरी उड़ान के विकल्प दिए। सभी यात्रियों को सुरक्षित लैंडिंग के बाद आवश्यक सहायता प्रदान की गई।
एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस घटना की गहन जांच जारी है। आने वाले समय में विमान की मरम्मत और जांच के बाद ही उड़ानों को पुनः शुरू किया जाएगा।

पटना एयरपोर्ट पर पक्षियों की समस्या और विमान परिचालन प्रभावित
पटना एयरपोर्ट पर हाल ही में पक्षियों के झुंड के कारण इंडिगो की दिल्ली-पटना फ्लाइट को वाराणसी डायवर्ट करना पड़ा था। रनवे के पास पक्षियों के कारण विमान परिचालन प्रभावित हुआ और इस वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
एयरपोर्ट प्रशासन ने पक्षियों को हटाने के लिए पटाखे छोड़े, लेकिन समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
पक्षियों के झुंड और बर्ड हिट की घटनाएं
पटना एयरपोर्ट पर बर्ड हिट की घटनाएं भी सामने आई हैं। अगस्त में एयर इंडिया के विमान के टरबाइन से पक्षी टकराने की घटना हुई थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इसके अलावा, रनवे के निरीक्षण के दौरान मृत चमगादड़ के अवशेष भी मिले थे।
इन घटनाओं के बीच पक्षियों के झुंड को नियंत्रित करने के लिए नियमित बैठकें होती हैं, लेकिन समस्या बनी हुई है, जिससे विमान परिचालन प्रभावित हो सकता है।
आगे की कार्रवाई और संभावित प्रभाव
विमान के नोज क्षतिग्रस्त होने की घटना ने विमान सुरक्षा और परिचालन को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। डीजीसीए और एयरलाइंस मिलकर जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विमान की मरम्मत और तकनीकी जांच पूरी होने तक उड़ानें स्थगित रहेंगी। आम यात्रियों को इससे असुविधा हो सकती है, लेकिन यह कदम सुरक्षा के लिए आवश्यक है।



