आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में बॉयलर फटने का हादसा हुआ है जिसमें पांच मजदूरों की मौत हो गई। यह हादसा श्री सिटी एसईजेड की निजी फार्मास्युटिकल कंपनी टिल हेल्थकेयर में शनिवार सुबह लगभग 8 बजे हुआ। इस घटना में कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
तिरुपति की कंपनी में बॉयलर फटने से हुई मौत
तिरुपति की कंपनी में बॉयलर फटने की घटना ने चार मजदूरों की जान ले ली है। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि अन्य तीन ने अस्पताल में दम तोड़ा। इस भीषण धमाके ने कंपनी के भवन को भी नुकसान पहुंचाया।
घटना के तुरंत बाद राहत कार्य शुरू किया गया और घायल कर्मचारियों को निकटतम अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पुलिस अधीक्षक एल. सुब्बारायुडू ने मृतकों की संख्या पांच बताई है।

बॉयलर फटने की घटना का समय और स्थान
यह दर्दनाक हादसा सत्यवेडु मंडल के श्री सिटी एसईजेड के भीतर स्थित टिल हेल्थकेयर नामक फार्मा कंपनी में हुआ। घटना शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे के करीब हुई, जब नाइट शिफ्ट और मॉर्निंग शिफ्ट के कर्मचारी दोनों मौजूद थे।
धमाके के बाद कंपनी की छत का एक हिस्सा गिर गया और कई कर्मचारी मलबे में फंस गए थे, जिन्हें बचाव दल ने समय रहते बाहर निकाला।
मृतकों और घायलों की पहचान
पुलिस और अस्पताल सूत्रों ने मृतकों में पश्चिम बंगाल के गौरव (35 वर्ष) और चेरुवू के चिन्ना मस्तानैया (48 वर्ष) की पहचान की पुष्टि की है। इस हादसे में कुल पांच लोगों की मृत्यु हुई है।
साथ ही, दस से अधिक कर्मचारी घायल हुए हैं जिनमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों का इलाज तेजी से किया जा रहा है।

सरकारी अधिकारियों की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
राज्य के आईटी, मानव संसाधन और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश तथा स्वास्थ्य मंत्री वाई. सत्यकुमार यादव ने भी राहत और चिकित्सा सहायता के लिए प्रत्येक संसाधन मुहैया कराने का आश्वासन दिया है।
हादसे के कारण और आगे की कार्रवाई
बॉयलर फटने के कारणों की जांच के लिए अधिकारियों की टीम गठित की गई है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी या रखरखाव की कमी को वजह माना जा रहा है।
आगे की जांच में हादसे की पूरी वजह सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, कंपनी में सुरक्षा मानकों को और सख्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आम जनता और कार्यस्थल सुरक्षा पर प्रभाव
यह हादसा न केवल मृतक और घायल कर्मचारियों के परिवारों के लिए दुखद है, बल्कि यह कार्यस्थल सुरक्षा के महत्व को भी उजागर करता है।
सरकार और उद्योगों को चाहिए कि वे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें। इससे भविष्य में इस प्रकार के हादसों को टाला जा सकेगा।



