अमेरिका में H-1B Visa को लेकर एक बार फिर सख्त संदेश सामने आया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने स्पष्ट कहा है कि H-1B वीजा केवल असाधारण प्रतिभा वाले पेशेवरों के लिए है, न कि सिस्टम का दुरुपयोग करने वाले धोखेबाजों के लिए।
वेंस ने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है कि H-1B वीजा कार्यक्रम का लाभ केवल योग्य और प्रतिभाशाली लोगों को मिले तथा कोई भी व्यक्ति फर्जीवाड़ा करके इसका गलत इस्तेमाल न कर सके।
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उन्होंने कहा कि H-1B वीजा का उद्देश्य दुनिया भर के उत्कृष्ट टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और डॉक्टरों को अमेरिका में काम करने का अवसर देना है, ताकि वे अपनी विशेषज्ञता से देश की प्रगति में योगदान दे सकें।
जेडी वेंस ने खुलासा किया कि ऐसे दर्जनों विदेशी लोगों के खिलाफ समन जारी किए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है, जिन पर H-1B वीजा कार्यक्रम का दुरुपयोग करने का संदेह है।
उन्होंने दोहराया कि अमेरिकी नौकरियों पर पहला अधिकार अमेरिकी कामगारों का होना चाहिए, न कि उन लोगों का जो फर्जी दस्तावेजों या धोखाधड़ी के जरिए इस व्यवस्था का फायदा उठाना चाहते हैं।
वेंस का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में इमिग्रेशन, वर्क वीजा और विदेशी कर्मचारियों को लेकर बहस तेज है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में H-1B वीजा प्रक्रिया और निगरानी को लेकर और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल—क्या H-1B Visa पर बढ़ती सख्ती का असर भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और अमेरिका में नौकरी का सपना देखने वाले लाखों युवाओं पर पड़ेगा?
आपकी क्या राय है? क्या H-1B वीजा नियम और सख्त होने चाहिए या इससे योग्य विदेशी प्रोफेशनल्स को नुकसान होगा? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।



