नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 2025 के अपने आखिरी रेडियो कार्यक्रम मन की बात में देश की जनता को संबोधित किया। नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस साल ऑपरेशन सिंदूर हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक बन गया। दुनिया ने साफ देखा कि आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, दुनिया के हर कोने से भारत माता के प्रति प्यार और भक्ति की तस्वीरें सामने आईं। यही भावना तब भी देखने को मिली जब वंदे मातरम के 150 साल पूरे हुए।
पीएम मोदी ने कहा कि 2025 ने हमें ऐसे कई पल दिए हैं जिन पर हर भारतीय को गर्व हुआ। देश की सुरक्षा से लेकर खेल के मैदान तक, विज्ञान की प्रयोगशालाओं से लेकर दुनिया के बड़े मंचों तक, भारत ने हर जगह अपनी मजबूत छाप छोड़ी। भारत ने साइंस और स्पेस के क्षेत्र में भी बड़ी छलांग लगाई है। शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। पर्यावरण सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी कई पहल भी 2025 में शुरू हुईं। भारत में अब चीतों की संख्या 30 से ज़्यादा हो गई है।
प्रयागराज महाकुंभ की सफलता से दुनिया हैरान
पीएम मोदी ने कहा कि 2025 में आस्था, संस्कृति और भारत की अनोखी विरासत सब एक साथ देखने को मिलीं। साल की शुरुआत में प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। साल के आखिर में अयोध्या में राम मंदिर में झंडा फहराने की सेरेमनी ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया। उन्होंने कहा कि लोगों ने स्वदेशी प्रोडक्ट्स के लिए भी बहुत उत्साह दिखाया है, लोग सिर्फ़ भारतीय की मेहनत से बने सामान खरीद रहे हैं। आज हम गर्व से कह सकते हैं कि 2025 ने भारत को और भी ज़्यादा आत्मविश्वास दिया है।
क्रिकेट की उपलब्धियों का किया जिक्र
पीएम मोदी ने खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि पुरुष क्रिकेट टीम ने आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी जीती तो महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप अपने नाम किया। भारत की बेटियों ने विमेंस ब्लाइंड वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया। एशिया कप टी-20 में भी तिरंगा शान से लहराया।‘
विज्ञान और अंतरिक्ष की भी बात
प्रधानमंत्री ने विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों का उल्लेख किया और कहा कि भारत ने साइंस और स्पेस के क्षेत्र में भी बड़ी छलांग लगाई है। शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। पर्यावरण सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी कई पहल भी 2025 में शुरू हुईं। भारत में अब चीतों की संख्या 30 से ज़्यादा हो गई है।


